Online Tax Relief in Lucknow: घर बैठे गृहकर में ओटीएस का भी ले सकेंगे लाभ

लखनऊ। अब नागरिक अपने घर से ही ऑनलाइन तरीके से गृहकर में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ उठा सकेंगे। नगर निगम ने गृहकर सॉफ्टवेयर में एक ऐसा मॉड्यूल विकसित कि
लखनऊ। अब नागरिक अपने घर से ही ऑनलाइन तरीके से गृहकर में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ उठा सकेंगे। नगर निगम ने गृहकर सॉफ्टवेयर में एक ऐसा मॉड्यूल विकसित किया है, जिससे बिना किसी ब्याज के बिल सीधे नागरिकों के पास पहुंच जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए नगर निगम के अधिकारियों या बाबुओं के पास जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह योजना 15 अगस्त से प्रारंभ होकर 15 दिसंबर तक चलेगी। जो भवनस्वामी ऑनलाइन सुविधा का उपयोग नहीं कर पाएंगे, वे नगर निगम के काउंटर पर जाकर ऑफलाइन तरीके से ओटीएस योजना का लाभ ले सकेंगे। इस हेतु नगर निगम के सभी आठ जोन में काउंटर खोले जाएंगे, जहां भवनस्वामी ओटीएस योजना के तहत ब्याज की छूट का लाभ उठाते हुए गृहकर जमा कर सकेंगे। नगर निगम ने इस सुविधा को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के अंतर्गत अप्रैल 2026 तक के गृहकर पर लगे ब्याज को पूरी तरह से माफ किया जाएगा। यह लाभ आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार की संपत्तियों पर उपलब्ध होगा। ओटीएस का मॉड्यूल राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा तैयार किया जा रहा है, जिससे लगभग ढाई लाख भवनस्वामियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि ओटीएस की ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाने के लिए भवनस्वामी को नगर निगम की वेबसाइट lmc.up.nic.in पर जाना होगा। वहां ओटीएस योजना का लिंक उपलब्ध होगा। भवनस्वामी को गृहकर हाउस आईडी और पासवर्ड डालकर बिल प्राप्त करना होगा। इसके बाद भुगतान का विकल्प भी उपलब्ध होगा। जो भवनस्वामी पहली बार वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाएंगे, उन्हें पहले यूजर आईडी और पासवर्ड बनाना होगा। इसके बाद वे ओटीएस लिंक पर जा सकेंगे। इसके अलावा, यदि किसी भवनस्वामी के गृहकर में कोई आपत्ति है, तो उसका निस्तारण भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। यदि किसी भवनस्वामी के गृहकर बिल में कोई गड़बड़ी है, तो वह संबंधित जोन ऑफिस में आवेदन देकर उसे दूर कराने का प्रयास कर सकता है। इसके लिए अधिकारी को 15 दिनों के भीतर निस्तारण करना होगा। इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 15 अगस्त से हर जोन में एक हेल्पडेस्क की स्थापना की जाएगी।









