Political Commentary: ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर कसा तंज, कहा- राहुल गांधी आपके बड़े भैया, अब मान भी लीजिए

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अल्पसंख्यक कल्याण एवं पंचायतीराज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा)
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अल्पसंख्यक कल्याण एवं पंचायतीराज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से कई गंभीर सवाल उठाए हैं। राजभर ने संसद की कार्यवाही को बाधित करने के मुद्दे पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले एक सप्ताह से अखिलेश और उनके 'बास' राहुल गांधी संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने नहीं दे रहे हैं। यह टिप्पणी सपा और कांग्रेस के बीच बढ़ती राजनीतिक दावेदारी को लेकर की गई है। राजभर ने कहा कि राहुल गांधी लगातार यह प्रदर्शित कर रहे हैं कि वह सपा के लिए एक महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अखिलेश को यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि राहुल गांधी उनके राजनीतिक क्षेत्र के बड़े भैया हैं।
राजभर ने आगे कहा कि कांग्रेस अब प्रदेश में पहले से अधिक सीटों की मांग करेगी, और सपा के लिए इसे मना करना कठिन होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस अब सपा पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। राजभर ने सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण और एमवाइ (मुस्लिम-यादव) वोट बैंक पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पीडीए पहले ही सपा के हाथ से निकल चुका है और मुस्लिम मतदाताओं का रुझान भी अब बदल रहा है। यह बयान प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है, जहां सपा को अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है।
राजभर ने अखिलेश को सलाह दी कि उन्हें इंटरनेट मीडिया और विदेश यात्राओं की बजाय प्रदेश के बौद्ध सर्किट तथा गैर-यादव पिछड़े समाज के बीच अधिक समय देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सक्रिय राजनीति में रहना जरूरी है, ताकि वह अपने मतदाताओं के साथ सीधे संवाद कर सकें। अंत में, राजभर ने फिर से व्यंग्य करते हुए कहा कि अखिलेश को सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि राहुल गांधी उनके ब्लाक के बड़े भैया हैं। इस प्रकार, ओमप्रकाश राजभर ने न केवल अखिलेश यादव पर हमला बोला, बल्कि प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर भी अपनी राय व्यक्त की है।









