Panchkula: 11 साल पुराने हनीट्रैप मामले में पूर्व एसीपी समेत सभी नौ आरोपी बरी

पंचकूला की विशेष अदालत ने वर्ष 2015 के चर्चित हनीट्रैप और 40 लाख रुपये रंगदारी मामले में पूर्व एसीपी देश बंधु, दो तत्कालीन पुलिसकर्मियों और मुख्य महिला आरोपी सम
पंचकूला की विशेष अदालत ने वर्ष 2015 के चर्चित हनीट्रैप और 40 लाख रुपये रंगदारी मामले में पूर्व एसीपी देश बंधु, दो तत्कालीन पुलिसकर्मियों और मुख्य महिला आरोपी समेत सभी नौ आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने 159 पन्नों के फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा है। अदालत ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 53 गवाहों के बयान दर्ज कराए थे, लेकिन अदालत ने कहा कि साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि यह मामला पुलिस अधिकारियों के बीच प्रशासनिक विवाद और आपसी रंजिश का परिणाम था। अदालत ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया और पाया कि रिश्वत मांगने, रंगदारी वसूलने या आपराधिक साजिश रचने के आरोपों की पुष्टि के लिए कोई ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य मौजूद नहीं थे।
इस मामले की शुरुआत मई 2015 में हुई थी, जब अंबाला के एक कारोबारी ने फेसबुक के माध्यम से एक महिला से दोस्ती की। इसके बाद महिला ने कारोबारी को पंचकूला स्थित अपने घर बुलाया और आरोप लगाया कि उसने कारोबारी को नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया। महिला ने चंडीमंदिर थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि बाद में महिला ने कारोबारी से मामले को खत्म कराने के नाम पर 40 से 50 लाख रुपये की मांग की। कारोबारी के परिवार की शिकायत के बाद एसआईटी ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान दुष्कर्म के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी, जिसके बाद कारोबारी के खिलाफ दर्ज मामला रद्द कर दिया गया। इसके बाद महिला, उसके पति, कथित बिचौलियों और कुछ तत्कालीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।









