Paper Leak Issue: जयराम ठाकुर बोले- राज्यों में अलग-अलग सरकारों में पेपर लीक पहले भी हुए

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हाल ही में पेपर लीक के मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि यह कोई नई घटना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हाल ही में पेपर लीक के मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि यह कोई नई घटना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभिन्न राज्यों में अलग-अलग सरकारों के तहत पेपर लीक की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। ठाकुर ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में कई बार पेपर लीक हुए थे और आज उन मामलों में दोषी लोग सलाखों के पीछे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विषय पर सख्त सजा का प्रावधान करने का आश्वासन दिया है। ठाकुर ने कहा कि कैबिनेट ने इस संबंध में 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान करने का निर्णय लिया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं शिक्षा प्रणाली को कमजोर करती हैं और इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब इस प्रकार की घटनाओं को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि दोषियों को सख्त सजा दी जाए ताकि यह एक उदाहरण बने।
इस बयान के बाद, जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह मुद्दा केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ठाकुर ने यह भी कहा कि सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि छात्रों को एक सुरक्षित और निष्पक्ष परीक्षा का माहौल मिल सके। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि सभी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर काम करें ताकि शिक्षा प्रणाली को पुनर्स्थापित किया जा सके और छात्रों का विश्वास बहाल किया जा सके।









