Paper Leak Scandal: हर साल छात्रों को मिलता है पेपर लीक का नया स्कैंडल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मंगलवार को लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े मुद्दे पर बोलते हुए तृणमूल कांग्रेस (tmc) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला ब
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मंगलवार को लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े मुद्दे पर बोलते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पेपर लीक बिल में संशोधन का समर्थन करती है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का कामकाज हेडलाइन से नहीं, बल्कि नतीजों से आंका जाता है। बनर्जी ने लोकसभा में कहा कि हर साल सरकार एक नए सिस्टम का वादा करती है, लेकिन हर साल छात्रों को वही पुराना घोटाला देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के नाम बदलते हैं, पीड़ितों के नाम बदलते हैं, आरोपियों के नाम बदलते हैं, लेकिन अपराध कभी नहीं बदलता। यह स्थिति छात्रों के लिए बेहद निराशाजनक है।
बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार दावा करती है कि वह सैटेलाइट से नजर रख सकती है और मिसाइलों को ट्रैक कर सकती है, लेकिन परीक्षा के पेपर सरकार की पहचान करने की क्षमता से ज्यादा तेजी से फैल जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय वायु सेना के विमानों का उपयोग री-नीट के लिए पेपर पहुंचाने के लिए किया गया था, जबकि युवा केवल निष्पक्षता की उम्मीद करते हैं। लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने विरोध कर रहे छात्रों की बात सुनने के बजाय, उन्हें बैरिकेड, लाठियां और पैलेट गन दीं।
बनर्जी ने कहा कि छात्रों को प्रतियोगिता से डर नहीं लगता, बल्कि उन्हें भ्रष्टाचार से डर लगता है। उन्हें मेरिट से डर नहीं लगता, बल्कि उन्हें हेरफेर से डर लगता है। जब युवा सिस्टम पर भरोसा करना छोड़ देते हैं, तो लोकतंत्र कमजोर हो जाता है। इसलिए छात्रों को सहानुभूति नहीं, बल्कि निश्चितता की आवश्यकता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' का उद्देश्य दोषियों पर तेजी से मुकदमा चलाना और उन्हें कड़ी सजा दिलाना है। उन्होंने विपक्ष पर यह आरोप लगाया कि वे यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि पेपर लीक की घटनाएं 2014 में NDA के सत्ता में आने के बाद ही शुरू हुईं। स्वराज ने कहा कि यह एक बड़ा बदलाव लाने वाला संशोधन है और यह मोदी सरकार के जिम्मेदार रवैये को दर्शाता है।









