Pappu Yadav in Parliament: माथे पर प्लास्टर, हाथ में लाठी के साथ संसद पहुंचे पप्पू यादव

संसद का मॉनसून सत्र इन दिनों जारी है और मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, इस बिल पर चर्चा दो
संसद का मॉनसून सत्र इन दिनों जारी है और मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, इस बिल पर चर्चा दोपहर 2 बजे हो सकती है। इस बीच, विभिन्न दलों के नेता एक-एक करके सदन में पहुंच रहे हैं, लेकिन पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने अपने अनोखे अंदाज से सभी का ध्यान खींचा है। पप्पू यादव जब संसद पहुंचे, तो उन्होंने माथे पर मेडिकल प्लास्टर और हाथ में लाठी थाम रखी थी। यह उनकी नाटकीय एंट्री छात्रों की मांगों के समर्थन में थी। उन्होंने जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए बल प्रयोग का विरोध जताया है। यह कदम NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ उनकी आवाज को उठाने के लिए था।
मंगलवार को लोकसभा में मानसून सत्र की पहली बड़ी विधायी बहस होने की संभावना है। यदि यह चर्चा होती है, तो संसद में पिछले कई दिनों से जारी हंगामे के बाद सामान्य कामकाज की शुरुआत हो सकती है। संसदीय सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के साथ लगातार बातचीत कर गतिरोध को खत्म करने का प्रयास किया है। उनके प्रयासों के फलस्वरूप, विभिन्न दलों के फ्लोर नेताओं ने मंगलवार को विधेयक पर चर्चा शुरू करने पर सहमति जताई है। यह चर्चा सोमवार को नहीं हो सकी थी, जब विपक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित 'चलो संसद' मार्च और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए जोरदार विरोध किया।
सोमवार को विपक्ष के विरोध के चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी, जिसके कारण विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही शाम 5 बजे तक स्थगित कर दी थी और सरकार तथा विपक्ष को मतभेद दूर करने के लिए तीन घंटे का समय दिया था। उन्होंने सदस्यों को याद दिलाया कि इस विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे निर्धारित किए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त समय भी दिया जा सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लोकसभा में यह संशोधन विधेयक पेश किया। यह विधेयक 2024 में बनाए गए पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) कानून को और अधिक सख्त बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार का कहना है कि यह कानून संगठित तरीके से होने वाली परीक्षा धांधली और पेपर लीक पर अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।









