Parliament March Violence: संसद मार्ग पर 'बैक-डेटेड' GD एंट्री से मचा हड़कंप

नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संसद मार्ग थाने में दर्ज एक 'बैक-डेटेड' जनरल डायरी एंट्री ने दिल्ली पुलिस में हलचल मचा दी है। यह एंट्री मंगलवार को सामने
नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संसद मार्ग थाने में दर्ज एक 'बैक-डेटेड' जनरल डायरी एंट्री ने दिल्ली पुलिस में हलचल मचा दी है। यह एंट्री मंगलवार को सामने आई, जिसमें यह दावा किया गया है कि रैपिड एक्शन फोर्स के एक डिप्टी कमांडर ने दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी के निर्देश पर प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया। इस दौरान उन्होंने प्लास्टिक पैलेट गन की दो गोलियां चलाईं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह डायरी एंट्री 22 जुलाई को सुबह 1.24 बजे दर्ज की गई, जो कि 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के दो दिन बाद की घटना है। इस तरह की एंट्री से यह सवाल उठता है कि क्या पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग उचित था या नहीं।
डायरी एंट्री के अनुसार, डिप्टी कमांडर ने ड्यूटी ऑफिसर के कमरे में आकर बताया कि वह विरोध प्रदर्शन के दौरान एक डीसीपी के साथ तैनात थे। उन्होंने यह भी कहा कि डीसीपी ने उन्हें 55 नान-इलेक्ट्रिक शेल, 15 इलेक्ट्रिक शेल, पांच आंसू गैस के गोले और एंटी-रायट गन से प्लास्टिक पैलेट की दो गोलियां इस्तेमाल करने का आदेश दिया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि क्या आदेश सही तरीके से दिए गए थे या नहीं।
इस घटनाक्रम ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और यह भी दिखाया है कि कैसे एक सामान्य डायरी एंट्री भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है। इस मामले में आगे की जांच के दौरान यह देखने की आवश्यकता होगी कि क्या इस प्रकार के आदेशों का पालन किया गया था और क्या प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग का सही कारण था। दिल्ली पुलिस की यह जांच न केवल इस मामले की सच्चाई को उजागर करेगी, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।









