Parliament Monsoon Session 2026: पेपर लीक के मुद्दे पर आज फिर संसद में बहस, राहुल गांधी बोलेंगे सरकार पर हमला

कांग्रेस सांसद प्रवीन चक्रवर्ती ने राज्यसभा में काम रोको प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय पर 27 जुलाई 2026 को सदन में भ्रामक जवाब देने का आ
कांग्रेस सांसद प्रवीन चक्रवर्ती ने राज्यसभा में काम रोको प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय पर 27 जुलाई 2026 को सदन में भ्रामक जवाब देने का आरोप लगाया है। प्रवीन चक्रवर्ती ने कावेरी जल नियमन समिति (CWRC) के आदेश का मुद्दा भी उठाया है, जिसमें समिति ने कर्नाटक को तुरंत 4 टीएमसी फीट पानी छोड़ने का निर्देश दिया था। उनका कहना है कि जल बंटवारे के इस आदेश का पालन होना चाहिए और इस संवेदनशील विषय पर संसद में तुरंत चर्चा की मांग की है। चक्रवर्ती का यह आरोप है कि सरकार ने सदन में सही जानकारी नहीं दी, जिससे राज्य के जल संसाधनों के प्रबंधन में समस्या उत्पन्न हो रही है। इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए उन्होंने सदन में जल संकट के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वहीं, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में भी काम रोको प्रस्ताव का नोटिस दिया है। तिवारी का कहना है कि देश में एक नए दलबदल विरोधी कानून की आवश्यकता है, जिससे अवसरवादिता के लिए होने वाले सामूहिक दलबदल पर रोक लग सके। उन्होंने यह भी कहा कि अक्सर बिना किसी वैचारिक मतभेद के सत्ता के लिए दलबदल किया जाता है, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। नए कानून में सांसदों और विधायकों को अपनी बात रखने की आजादी मिलनी चाहिए, ताकि वे संसद के अंदर और बाहर ईमानदारी से असहमति व्यक्त कर सकें। तिवारी का मानना है कि जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की आवाज उठाने की छूट मिलनी चाहिए, ताकि वे पार्टी व्हिप के डर के बिना अपने मत का समर्थन कर सकें।
इन दोनों प्रस्तावों के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। प्रवीन चक्रवर्ती और मनीष तिवारी ने अपने-अपने मुद्दों को उठाकर यह स्पष्ट किया है कि वे सरकार की नीतियों और कार्यों के प्रति सजग हैं। संसद में इन मुद्दों पर चर्चा होना आवश्यक है, ताकि जनहित में सही निर्णय लिए जा सकें। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन मुद्दों का किस प्रकार समाधान करती है और क्या संसद में इन प्रस्तावों पर चर्चा संभव हो पाती है। दोनों सांसदों के प्रस्तावों से यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस पार्टी अपने मुद्दों को उठाने के लिए सक्रिय है और वह सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तत्पर है।









