Mahoba News: एसआईआर व जनगणना कार्य का लंबित भुगतान दिलाने की मांग

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने महोबा जिले में बीएलओ, एसआईआर और जनगणना कार्य के लंबित भुगतान को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन सोमवार को तीनों तहसीलों क
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने महोबा जिले में बीएलओ, एसआईआर और जनगणना कार्य के लंबित भुगतान को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन सोमवार को तीनों तहसीलों के उप जिलाधिकारी को प्रस्तुत किया गया। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि नगरीय निकाय कुलपहाड़, चरखारी और महोबा में कार्यरत बीएलओ और सुपरवाइजर का मानदेय पिछले तीन वर्षों से रुका हुआ है। वर्ष 2020 और 2025 के लिए निर्धारित मानदेय अब तक नहीं मिला है, जिससे शिक्षकों और शिक्षिकाओं में असंतोष बढ़ रहा है। इसके साथ ही, एसआईआर और जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों का पारिश्रमिक भी लंबित है। संघ के सदस्यों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए उप जिलाधिकारी शिवध्यान पांडेय को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष मित्र त्रिपाठी और जिलामंत्री हरनारायण अनुरागी ने कहा कि यदि शीघ्र ही भुगतान नहीं किया गया, तो संगठन को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि नगरीय निर्वाचन 2022-23 का मानदेय भी बकाया है, जिससे शिक्षकों के बीच निराशा का माहौल बना हुआ है। संघ ने यह स्पष्ट किया है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे और किसी भी प्रकार की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस ज्ञापन के माध्यम से संघ ने सरकार से अपील की है कि वे जल्द से जल्द लंबित भुगतान को जारी करें ताकि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान हो सके।
इस ज्ञापन के माध्यम से प्राथमिक शिक्षक संघ ने यह संदेश दिया है कि वे अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। संघ का मानना है कि शिक्षकों का मानदेय समय पर मिलना आवश्यक है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभा सकें। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे आगामी दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलन की योजना बना सकते हैं। इस प्रकार, महोबा में शिक्षकों की समस्याओं को लेकर यह ज्ञापन एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा करता है।









