Pharmacy Recruitment Exam Controversy: फरीदकोट में नकल के आरोपों पर धरना

फरीदकोट में बाबा फरीद स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में नकल के आरोपों के चलते राजनीतिक और छात्र संगठनों का विरोध
फरीदकोट में बाबा फरीद स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में नकल के आरोपों के चलते राजनीतिक और छात्र संगठनों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को यूथ अकाली दल और स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, जिससे मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि सरकार युवाओं को निष्पक्ष भर्ती का भरोसा देने में विफल रही है।
धरने में शामिल प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भर्ती परीक्षा में सामने आए कथित नकल प्रकरण ने पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नकल जैसी घटनाएं सामने आने से मेहनत करने वाले हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में असफल रही है।
इस बीच, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने एक वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट किया कि फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि यह एक हाईटेक नकल गिरोह का मामला है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस मामले में कार्रवाई की है और भ्रष्टाचार, नकल और पेपर लीक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। यदि आवश्यकता पड़ी, तो वह इस्तीफा देने के लिए भी तैयार हैं। मंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।









