Police Accountability in Protests: नीट पेपर लीक विवाद पर पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

नीट पेपर लीक विवाद के चलते छात्रों के प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर हुई घटनाओं ने पुलिस की कार्रवाई को सवालों के घेरे में ला दिया है। पिछले डेढ़ महीने से चल रहे इस व
नीट पेपर लीक विवाद के चलते छात्रों के प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर हुई घटनाओं ने पुलिस की कार्रवाई को सवालों के घेरे में ला दिया है। पिछले डेढ़ महीने से चल रहे इस विवाद में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और अन्य पुलिस कार्रवाई की आलोचना हो रही है। हाल ही में सामने आई दो तस्वीरों ने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है। एक तस्वीर में दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर पैलेट गन से फायरिंग की जानकारी सामने आई है, जबकि दूसरी तस्वीर में बिहार के सीवान में प्रदर्शनकारियों पर AK-47 ताने जाने का वीडियो वायरल हुआ है। इन दोनों घटनाओं के कारण पुलिस को अदालत में जवाब देने में कठिनाई हो रही है। विपक्षी दलों के नेताओं, जैसे कि राहुल गांधी, ने इस मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया है, जो कि लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है।
बिहार के सीवान में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान AK-47 से हवाई फायरिंग करने वाले जवान को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई तब की गई जब सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हुआ। पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए जवान की पहचान की और उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इस जवान की पहचान एसआईटी टीम में तैनात अभिषेक पटेल के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी अन्य पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि छात्रों पर AK-47 का इस्तेमाल किया गया।









