Political Clash in Jammu and Kashmir: महबूबा ने उमर अब्दुल्ला पर साधा निशाना

श्रीनगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर से तीखा टकराव देखने को मिला है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबू
श्रीनगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर से तीखा टकराव देखने को मिला है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे पांच अगस्त के बाद की स्थिति को सामान्य दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। महबूबा ने कहा कि उनके बयानों से सरकार और सत्ताधारी दलों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों के मुद्दे को उठाने की उनकी राजनीति कोई नई बात नहीं है। महबूबा ने 1996-97 के दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वह कांग्रेस में थीं, तब नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी को उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को 'राष्ट्र विरोधी बयान' बताने के लिए अखबारों की खबरें दिखाईं। आज वही राजनीतिक तरीका उमर अब्दुल्ला और अन्य दल अपना रहे हैं।
महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी सत्ता में रहते हुए कठोर सुरक्षा नीतियों का समर्थन करती रही है और इस दौरान संपत्तियों और सुविधाओं को जुटाने का काम किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने राजनीति के माध्यम से निजी संपत्ति नहीं अर्जित की है और न ही उन्होंने टंगमर्ग, गुपकार रोड, लंदन या आलीशान वाहनों जैसी सुविधाएं प्राप्त की हैं। महबूबा ने यह भी कहा कि जब वह कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों के मुद्दे उठाती थीं, तब डॉ. फारूक अब्दुल्ला कांग्रेस नेतृत्व से उनकी शिकायत करते थे। यह आरोप महबूबा ने उस समय के संदर्भ में लगाया जब उन्होंने सुरक्षा बलों और टास्क फोर्स से जुड़े मानवाधिकार उल्लंघनों के मुद्दों को उठाया।









