Political Controversy in Parliament: प्रियंका गांधी का प्रहलाद जोशी पर तीखा हमला

संसद के अंदर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी के बीच हुई तीखी बहस ने एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। यह विवाद
संसद के अंदर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी के बीच हुई तीखी बहस ने एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रियंका गांधी ने संसद की कार्रवाई के दौरान शिक्षा मंत्री पर जमकर निशाना साधा। सत्ता पक्ष के सांसदों ने प्रियंका और उनके भाई राहुल गांधी के बयानों की कड़ी आलोचना की। प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी कार्रवाई से डरने वाली नहीं हैं और अपने विचारों को व्यक्त करने से पीछे नहीं हटेंगी।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब प्रियंका गांधी ने संसद में देश की परीक्षाओं से जुड़े एक नए कानून 'पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल' पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रहलाद जोशी को देश का नया शिक्षा मंत्री बनाए जाने का विरोध करते हुए गंभीर सवाल उठाए। प्रियंका ने आरोप लगाया कि प्रहलाद जोशी ने बिलकिस बानो गैंगरेप मामले के दोषियों की रिहाई का समर्थन किया था, जो कि शिक्षा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग के लिए एक गंभीर मुद्दा है। उनके इस बयान का उनके भाई राहुल गांधी ने भी समर्थन किया।
प्रियंका गांधी के इस बयान के बाद संसद में जमकर हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष (बीजेपी) के सांसदों ने उनके आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई। शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने प्रियंका के आरोपों को गलत और झूठा बताया और उनसे सबूत पेश करने की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी प्रियंका के शब्दों पर नाराजगी जताई और इसे एक मंत्री को बदनाम करने की कोशिश बताया। इसके बाद जब मीडिया ने प्रियंका गांधी से सवाल किया, तो उन्होंने अपने बयान पर अड़े रहते हुए कहा कि इसमें असंसदीय क्या था। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सच बोलने के लिए सजा दी जाती है, तो वे इसे स्वीकार करेंगी, लेकिन सच बोलना जारी रखेंगी।











