Political Controversy: जौहर यूनिवर्सिटी पर अखिलेश यादव का बयान

जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर भा
जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि उनकी पार्टी इस मुहिम में उनके साथ है। अखिलेश यादव ने कहा कि यह कार्रवाई बदले की भावना से की जा रही है और भाजपा सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी राजनीति का शिकार बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय के खिलाफ उनकी पार्टी का हर कार्यकर्ता और समर्थक खड़ा होगा, साथ ही उन हजारों बच्चों और उनके माता-पिता का भी समर्थन प्राप्त होगा, जिनके सपनों पर भाजपा सरकार बुलडोजर चलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने शिक्षा के महत्व को बताते हुए कहा कि हर विश्वविद्यालय एक शिक्षा का मंदिर होता है और इसे बचाने के लिए देशभर के लोगों से अपील की है।
अखिलेश यादव ने विश्वविद्यालय से जुड़े कागजी विवाद पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई कागजी कमी है, तो उसे पूरा कर यूनिवर्सिटी और छात्रों के भविष्य को बचाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनके पास महंगे विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करने की क्षमता नहीं है। भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के मन में युवाओं और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति होती, तो वह इस विध्वंसक कार्रवाई का कोई वैकल्पिक समाधान निकालती। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा जानती है कि पढ़ाई के बाद लोग नौकरी और रोजगार की मांग करेंगे, जो भाजपा देना नहीं चाहती।









