Political Shift in India: सायोनी घोष ने बदला सियासी गियर

सायोनी घोष, जो कभी ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी मानी जाती थीं, अब मोदी सरकार की समर्थक बन गई हैं। पहले पीएम मोदी और बीजेपी की आलोचना करने वाली घोष ने हाल ही में
सायोनी घोष, जो कभी ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी मानी जाती थीं, अब मोदी सरकार की समर्थक बन गई हैं। पहले पीएम मोदी और बीजेपी की आलोचना करने वाली घोष ने हाल ही में संसद में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' का स्वागत किया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चर्चा से भाग रहे हैं और यह समय है कि युवा और छात्र इस नए बिल के बारे में जानें। घोष ने कहा कि विपक्ष को आलोचना करने का हक है, लेकिन उन्हें सदन में सक्रिय रहना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि सदन का हर दिन और हर मिनट कीमती है। सायोनी घोष ने अपने भाषणों में शायरी का भी उपयोग किया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं। 2024 में सांसद बनने के बाद से, वे मोदी सरकार के मुखर विरोधी चेहरे के रूप में जानी जाती थीं, लेकिन अब वे सरकार के पक्ष में खड़ी हैं। उनके इस बदलाव ने राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है। घोष ने कहा कि वे अब विपक्ष पर निशाना साधेंगी और देखना होगा कि वे किस तरह से अपनी नई भूमिका में खुद को स्थापित करती हैं।
सायोनी घोष ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2018 में की थी और 2021 में विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद, 2024 में टीएमसी के टिकट पर जाधवपुर सीट से सांसद चुनी गईं। 30 वर्षीय घोष ने कम समय में अपनी पहचान बनाई है और संसद से सड़क तक अपनी आवाज उठाती हैं। उनके भाषणों में गीतों और शायरी का समावेश होता है, जो उन्हें एक अलग पहचान देता है। अब जब उन्होंने एनसीपीआई में शामिल होकर मोदी सरकार का समर्थन किया है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि वे विपक्ष के खिलाफ किस प्रकार की रणनीति अपनाती हैं। उनके भाषणों ने उन्हें एक नई पहचान दी है और वे अब सरकार की ढाल बनकर सामने आई हैं।









