Political Shift: सायोनी घोष का एनडीए में शामिल होना

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी और टीएमसी सांसद सायोनी घोष ने हाल ही में एनडीए की संसदीय दल की बैठक में भाग लिया। यह बैठक प्रधानमं
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी और टीएमसी सांसद सायोनी घोष ने हाल ही में एनडीए की संसदीय दल की बैठक में भाग लिया। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित की गई थी, जिसमें सायोनी घोष ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह एक ज्ञानवर्धक और जानकारीपूर्ण बैठक थी। उन्होंने बताया कि इस बैठक में उन्हें कई महत्वपूर्ण नीतियों और आगामी विधायी एजेंडों के बारे में जानकारी मिली, जिससे उन्हें देश की दिशा को समझने का अवसर मिला। सायोनी घोष का यह नया रुख राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
सायोनी घोष ने पहले टीएमसी के टिकट पर जाधवपुर से सांसद चुनी गई थीं और उन्होंने मोदी सरकार के खिलाफ कई बार तीखे हमले किए थे। लेकिन अब उनका रुख पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने एनडीए की बैठक में कहा कि इस बैठक में उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला और यह अनुभव उनके लिए महत्वपूर्ण था। सायोनी घोष ने कहा कि बैठक में एफटीए और ब्लू इकॉनमी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उनका यह कहना कि उन्होंने पहले कभी ऐसी बैठक नहीं देखी, यह दर्शाता है कि वह अब मोदी सरकार की नीतियों की प्रशंसा कर रही हैं।
इस बदलाव को राजनीतिक विश्लेषक एक महत्वपूर्ण यू-टर्न मान रहे हैं। सायोनी घोष ने कहा कि एनडीए की बैठक में उन्हें देश की प्रगति और किसानों के बारे में आंकड़ों के साथ जानकारी मिली। उन्होंने यह भी कहा कि इस बैठक ने उन्हें एक सकारात्मक अनुभव दिया है। सायोनी घोष का यह नया रुख, जो कभी मोदी सरकार के मुखर विरोधी के रूप में जानी जाती थीं, अब उन्हें एक समर्थक के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। यह बदलाव न केवल उनके राजनीतिक करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका को भी दिलचस्प बना सकता है।









