Political Tensions in Agra: कलुआराम मंडी पर व्यापारी आंदोलन की तैयारी

आगरा की कलुआराम मंडी को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर व्यापारियों में भारी रोष देखा जा रहा है। व्यापारी अब नए सिरे से आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। बुधवार को सिकं
आगरा की कलुआराम मंडी को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर व्यापारियों में भारी रोष देखा जा रहा है। व्यापारी अब नए सिरे से आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। बुधवार को सिकंदरा और बरौली अहीर मंडी के व्यापारी सिकंदरा मंडी पर एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने दोनों मंडियों के व्यापारियों के साथ मंगलवार को चर्चा की थी। जिलाधिकारी ने कलुआराम मंडी की अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि यह मंडी संचालित रहेगी। प्रशासन के इस फैसले से व्यापारियों में असंतोष की भावना बढ़ गई है। बरौली अहीर मंडी के अध्यक्ष होतम सिंह ने बताया कि बुधवार को होने वाली बैठक में व्यापारी एकत्रित होंगे और कलुआराम मंडी को बंद कराने के लिए आंदोलन की योजना पर सहमति बनाएंगे। इस बैठक में उपाध्यक्ष प्रवेंद्र कुमार ने भी अपनी बात रखी और कहा कि कलुआराम मंडी की अधिसूचना जारी करने में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया है। यदि प्रशासन इन तथ्यों की सही जांच कर निदेशालय को आख्या भेजता है, तो मंडी का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कलुआराम मंडी के बंद होने के बिना बरौली अहीर मंडी का संचालन संभव नहीं है।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट अमित शुक्ला, मंडी समिति के उपनिदेशक अनिल कुमार और सचिव अजय प्रताप भी मौजूद रहे। सिटी मजिस्ट्रेट अमित शुक्ला ने कहा कि कलुआराम मंडी को संचालित करने की अधिसूचना पहले से ही जारी है और इसे बंद नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मंडी में फुटकर व्यापार होता है, तो प्रशासन कार्रवाई करेगा। व्यापारियों का मानना है कि प्रशासन की यह कार्यशैली उनके व्यवसाय को प्रभावित कर रही है और इसलिए वे आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। व्यापारियों का यह भी कहना है कि यदि प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करता है, तो वे और अधिक कठोर कदम उठाने के लिए तैयार हैं। यह स्थिति आगरा की व्यापारिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नुकसान हो सकता है।









