Political Tensions Rise: जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई को लेकर गरमाई सियासत

उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी आई है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने विश
उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी आई है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को बिना स्वीकृत नक्शे के अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है, जिसके बाद सियासी बयानों का दौर शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भाजपा को शिक्षा के क्षेत्र में भी सांप्रदायिकता दिखाई देती है और यह शिक्षा, शिक्षक, छात्र और नौकरियों के मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा अपने गैर-पंजीकृत सहयोगियों की अवैध इमारतों पर कार्रवाई कब करेगी। इस मुद्दे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
जौहर यूनिवर्सिटी का मामला अब चर्चा का केंद्र बन गया है। यह विश्वविद्यालय पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो लगभग 1500 बीघा भूमि पर फैला हुआ है। विकास प्राधिकरण ने परिसर में मौजूद 40 भवनों में से 38 भवनों को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित मानते हुए उनके ध्वस्तीकरण का आदेश दिया है। इस बीच, पीडब्ल्यूडी ने यूनिवर्सिटी परिसर से गुजरने वाली सड़क को आम जनता का रास्ता बताते हुए मुख्य गेट पर साइन बोर्ड लगा दिया है। यह सड़क 2016-17 में अखिलेश यादव की सरकार के दौरान बनाई गई थी और इसकी लागत लगभग 16 करोड़ रुपये थी।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता किशन वीर सिंह ने स्पष्ट किया कि यह सड़क पूरी तरह से विभाग की है और सरकारी धन से बनाई गई है। उन्होंने कहा कि सड़क का उपयोग आम जनता के लिए होना चाहिए और इसी उद्देश्य से मुख्य गेट पर बोर्ड लगाया गया है। यह सड़क जीरो प्वाइंट से लालपुर डैम तक जाती है और किसी भी व्यक्ति को इस रास्ते से आने-जाने में कोई रोक नहीं है। इस मामले में अदालत में भी सुनवाई चल रही है, जहां पहले हाईकोर्ट में मामला खारिज हुआ था, लेकिन बाद में लोअर कोर्ट ने विभाग के पक्ष में फैसला सुनाया। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और अदालत में चल रही सुनवाई पर है।









