Political Turmoil in Parliament: अमित शाह के बयान की मांग पर अड़ा विपक्ष, हंगामे की भेंट चढ़ी संसद की कार्यवाही

सोमवार को लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक को लेकर संसद में राजनीतिक टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जहां सरकार पेपर लीक के खिलाफ संशोधित विधेयक को पेश करने की तैयारी
सोमवार को लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक को लेकर संसद में राजनीतिक टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जहां सरकार पेपर लीक के खिलाफ संशोधित विधेयक को पेश करने की तैयारी में थी, वहीं विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने का निर्णय लिया। इस हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई, जिससे कोई ठोस चर्चा नहीं हो सकी। संसद की गतिविधियां सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुईं, जिसमें विपक्षी दलों की बैठक हुई। इस बैठक में यह तय किया गया कि 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता पुराने संसद भवन के पास एकत्र हुए। इस दौरान उन्हें जानकारी मिली कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान वहां प्रवेश करेंगे, जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने उनके स्वागत के लिए मकर द्वार के पास प्रदर्शन शुरू कर दिया।
धर्मेंद्र प्रधान के पहुंचते ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मार्च शुरू किया। भाजपा सांसदों ने उनका स्वागत किया, लेकिन बाहर विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मुद्दों को भी उठाया। सदन के भीतर भी हंगामा जारी रहा, जहां विपक्ष ने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को चलाने की अपील की, लेकिन विपक्ष ने अपने रुख पर कायम रहते हुए नारेबाजी जारी रखी।









