Portal launched for ownership rights in Haryana: हरियाणा में शामलात भूमि पर बसे परिवारों को मालिकाना हक देने के लिए पोर्टल शुरू, ऐसे करें आवेदन

अंबाला शहर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन परिवारों ने पंचायत की शामलात भूमि पर वर्षों से अपने मकान बनाए हैं, लेकिन उन्हें कानूनी मालिकाना हक नहीं मिला है, उन
अंबाला शहर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन परिवारों ने पंचायत की शामलात भूमि पर वर्षों से अपने मकान बनाए हैं, लेकिन उन्हें कानूनी मालिकाना हक नहीं मिला है, उनके लिए अब एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि इस संबंध में एक समाधान पोर्टल की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2004 से पहले पंचायत की शामलात भूमि पर बने 500 गज तक के मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों को मालिकाना हक प्रदान करना है। यह पोर्टल उन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लंबे समय से अपने आशियाने को कानूनी मान्यता दिलाने का प्रयास कर रहे थे। अब उन्हें इस प्रक्रिया के माध्यम से अपने अधिकारों को प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया को पांच चरणों में विभाजित किया गया है। पात्र परिवारों को 16 जनवरी 2027 तक अपने परिवार पहचान पत्र से जुड़े मोबाइल नंबर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया में ग्राम पंचायत, ग्राम सचिव, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी और अंत में उपायुक्त स्तर पर आवेदन का सत्यापन और स्वीकृति शामिल होगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पात्र परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके और उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष नहीं करना पड़े। इस प्रकार, यह पोर्टल उन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण साधन बन सकता है, जो अपने घरों को कानूनी रूप से मान्यता दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।
हालांकि, इस योजना की शुरुआत के बावजूद हैरानी की बात यह है कि जिले में अब तक केवल पांच आवेदन ही पोर्टल पर प्राप्त हुए हैं। सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों में मुनादी करवाकर पात्र परिवारों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाएं। यह आवश्यक है कि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठाएं और अपने अधिकारों को प्राप्त करें। यदि इस योजना को सफल बनाना है, तो सभी संबंधित अधिकारियों को सक्रियता से काम करना होगा ताकि पात्र परिवारों को सही जानकारी मिल सके और वे समय पर आवेदन कर सकें। इस प्रकार, यह पोर्टल न केवल कानूनी मालिकाना हक दिलाने में मदद करेगा, बल्कि यह उन परिवारों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक भी बन सकता है।









