Power loom weavers in UP: 95 हजार बुनकरों को मिलेगी राहत, 20 किलोवाट तक फ्लैट रेट बिजली

उत्तर प्रदेश के लगभग 95 हजार पावरलूम बुनकरों को राहत देने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना का दायरा बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की ज
उत्तर प्रदेश के लगभग 95 हजार पावरलूम बुनकरों को राहत देने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना का दायरा बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत वर्तमान में लागू पांच किलोवाट विद्युत भार की सीमा को बढ़ाकर 20 किलोवाट तक करने का प्रस्ताव गंभीरता से विचाराधीन है। इस कदम से बुनकरों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके बिजली बिलों से संबंधित विवादों को सुलझाने की भी तैयारी की जा रही है। इससे पहले, खादी भवन में हुई एक बैठक में खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में बुनकर प्रतिनिधियों ने बिजली दरों, गलत बिल, बकाया, सब्सिडी, लोड वृद्धि, मीटरिंग और नए कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि शून्य से पांच किलोवाट श्रेणी के छोटे बुनकरों को मिल रही मौजूदा सुविधा में कोई कटौती नहीं होगी। वर्तमान में इस श्रेणी में प्रदेश के करीब 95 हजार बिजली कनेक्शन हैं, जो कुल पावरलूम कनेक्शनों का लगभग 94 प्रतिशत हैं। प्रस्ताव लागू होने पर पांच से 20 किलोवाट क्षमता वाले पावरलूम भी पहली बार फ्लैट रेट योजना के दायरे में आ सकेंगे।
सरकार इस योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च करती है। यदि दायरा 20 किलोवाट तक बढ़ता है, तो इससे लगभग 189 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा। बुनकर संगठनों ने आरोप लगाया है कि कई मामलों में सरकारी सब्सिडी मिलने के बावजूद बिजली बिलों में बकाया दर्शाया जा रहा है। इस पर वर्ष 2006 की नीति के तहत 31 मार्च 2023 तक के बकाया, ब्याज और विलंब शुल्क की समीक्षा, किस्तों में भुगतान और वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) लागू करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसके अलावा, अगस्त में एक अभियान चलाकर बुनकरों के बिजली बिलों की जांच कराई जाएगी। मृत या लंबे समय से बंद पड़े कनेक्शनों से जुड़े बकाया मामलों की भी अलग से समीक्षा की जाएगी।









