Power Outage in Amethi: फाल्ट से कई इलाकों में 16 घंटे तक गुल रही बिजली

अमेठी सिटी में उमस भरी गर्मी के बीच बिजली की बढ़ती मांग ने ऊर्जा निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। रविवार रात से सोमवार तक, जिला मुख्यालय सहित शहर और ग्रामीण
अमेठी सिटी में उमस भरी गर्मी के बीच बिजली की बढ़ती मांग ने ऊर्जा निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। रविवार रात से सोमवार तक, जिला मुख्यालय सहित शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई उपकेंद्रों में बिजली की आपूर्ति 12 से 16 घंटे तक ठप रही। इस स्थिति ने लोगों को पेयजल संकट का सामना करने के लिए मजबूर कर दिया। बिजली संकट का असर धान की रोपाई और खेतों में सिंचाई पर भी पड़ा। गौरीगंज पावर हाउस से रविवार रात करीब 7:50 बजे बिजली आपूर्ति ठप हुई, जो लगभग तीन घंटे बाद बहाल हो सकी। इसके बाद, पूरी रात ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहा। सोमवार सुबह भी शहर के कई मोहल्लों में बिजली नहीं थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। करपिया उपकेंद्र की आपूर्ति रविवार शाम 6:25 बजे बाधित हुई और रात 12:35 बजे बहाल हो सकी। शुकुलपुर उपकेंद्र से रात 8:20 बजे से 1:27 बजे तक बिजली गुल रही। इसके बाद भी रातभर ट्रिपिंग होती रही। सोमवार को दिनभर पांच बार में छह घंटे से अधिक आपूर्ति बाधित रही और लो वोल्टेज की समस्या बनी रही। जामों उपकेंद्र की बिजली रविवार रात 9:17 बजे बंद हुई और रात 2:35 बजे बहाल हो सकी। सोमवार सुबह छह बजे फिर आपूर्ति बाधित हो गई। अमेठी उपकेंद्र के गंगागंज क्षेत्र में एबीसी केबल टूटने और टाउन-दो फीडर में तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। पीठीपुर उपकेंद्र के रामगढ़, संग्रामपुर और महाराजपुर फीडरों पर तार टूटने और पेड़ गिरने से भी कई गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी। जगदीशपुर, भादर, बेनीपुर, जायस, तिलोई और सेमरौता क्षेत्रों में भी 12 से 16 घंटे तक आपूर्ति प्रभावित रही।
अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि लाइन में खराबी आने पर मरम्मत के लिए कुछ समय बिजली आपूर्ति रोकनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि फॉल्ट दूर होते ही आपूर्ति सामान्य कर दी जाती है। लेकिन, इस बार स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पूरे लुसई रेलवे क्रॉसिंग के पास भूमिगत मेन सप्लाई केबल फूंकने से नगर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे उपभोक्ताओं को रातभर और सोमवार दिनभर बिजली संकट का सामना करना पड़ा। अवर अभियंता वीरेंद्र ने कहा कि मुख्यालय से नई केबल मिलने के बाद फॉल्ट ठीक कराया जाएगा। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था से सीमित आपूर्ति दी जा रही है। इस संकट ने लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है और उन्हें बिजली की कमी के कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।









