Prepaid Smart Meter Issue: गोरखपुर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर 13.25 लाख का बिल, उपभोक्ता के उड़े होश

गोरखपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां बिजली निगम की बिलिंग प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड में कार्यरत मुख्य अभियंता पंकज गु
गोरखपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां बिजली निगम की बिलिंग प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड में कार्यरत मुख्य अभियंता पंकज गुप्ता के चार किलोवाट क्षमता के प्रीपेड कनेक्शन पर 13 लाख 25 हजार 897 रुपये और 56 पैसे का बिल आया है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब पंकज हर महीने अपने बिजली के उपयोग के अनुसार रीचार्ज करते हैं। इस अत्यधिक बिल ने पंकज को परेशान कर दिया है और अब वह इसे शून्य कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पंकज गुप्ता का घर मिलेनियम सिटी करीमनगर में है, जहां उनके मित्र हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के खाद कारखाने में काम करते हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में मीटर रीडर के इंतजार और गलत बिलिंग से बचने के लिए प्रीपेड मीटर का कनेक्शन लिया था, ताकि वह अपनी जरूरत के अनुसार बिजली का उपयोग कर सकें। हाल ही में उन्हें बिजली निगम से एक संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें 13 लाख 25 हजार 897 रुपये और 56 पैसे का बकाया दर्शाया गया था। इस संदेश को पढ़कर पंकज के होश उड़ गए। उन्होंने पहले सोचा कि शायद उनके प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदल दिया गया है, लेकिन जब उन्होंने बिल का ब्योरा निकाला, तो पाया कि मीटर वास्तव में प्रीपेड ही था। वर्तमान बिल में 6 लाख 46 हजार 969 रुपये और 93 पैसे का बकाया दर्शाया गया था, जबकि पहले का बकाया 6 लाख 78 हजार 927 रुपये और 63 पैसे था। पंकज का कहना है कि यदि बिजली निगम ने बकाया जमा कराने के लिए आरसी जारी कर दिया, तो कोई भी उनकी बात नहीं सुनेगा।
इस मामले में पंकज गुप्ता ने बताया कि मार्च में उनके द्वारा 9 लाख 99 हजार 835 यूनिट बिजली की खपत का बिल आया था, जो कि अत्यधिक है। उन्होंने कहा कि बिल में पहले के महीने के बिजली उपभोग का विवरण भी गलत है। उदाहरण के लिए, मार्च में उपभोग 9 लाख 99 हजार 835 यूनिट और सितंबर में 9 लाख 99 हजार 958 यूनिट दर्शाया गया है, जबकि मई में केवल 108 यूनिट की खपत दर्शाई गई है। इस तरह के गलत आंकड़े बिजली निगम की बिलिंग प्रणाली की खामियों को उजागर करते हैं। दूसरी ओर, टाउनहाल के पास रहने वाले उपभोक्ता मनोज ने भी प्रीपेड मीटर के साथ ऐसी ही समस्या का सामना किया। उन्होंने बताया कि वह हर महीने मीटर रीचार्ज करते रहे, लेकिन एक दिन उन्हें एक लाख रुपये से अधिक का बकाया का संदेश मिला, जिससे उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया। इस स्थिति से परेशान होकर, मनोज ने आवेदन देकर प्रीपेड मीटर की जगह पोस्टपेड मीटर लगवा लिया। अब वह संतुष्ट हैं और उन्हें इस बदलाव से राहत मिली है।









