Preventing Paper Leaks: संसद में शशि थरूर बोले- पेपर लीक को रोकने के लिए व्यापक सुधारों की जरूरत

नई दिल्ली में लोकसभा में पेपर लीक रोकने के लिए चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं केवल छोटी-मोटी घटनाएं नहीं हैं, बल्कि ये हमार
नई दिल्ली में लोकसभा में पेपर लीक रोकने के लिए चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं केवल छोटी-मोटी घटनाएं नहीं हैं, बल्कि ये हमारी परीक्षा प्रणाली में गहरी संरचनात्मक खामियों को उजागर करती हैं। थरूर ने जोर दिया कि हमें दोषियों को सजा देने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि हम ऐसे उपाय करें जो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोक सकें। थरूर ने बिल के प्रविधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें जांच को दो महीने में पूरा करने और विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से तीन महीने में मुकदमे की सुनवाई पूरी करने का प्रस्ताव है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमारी न्यायिक प्रणाली इन समय-सीमाओं को पूरा करने की क्षमता रखती है।
थरूर ने यह भी कहा कि केवल कानून पास करने से तेज न्याय सुनिश्चित नहीं होगा। इसके लिए प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता है, जिसमें पर्याप्त संख्या में जजों की नियुक्ति, अभियोजकों की उपलब्धता, समय पर जांच और कुशल केस मैनेजमेंट शामिल हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यदि हम इन सभी पहलुओं पर ध्यान नहीं देंगे, तो कानून का कोई भी प्रावधान प्रभावी नहीं होगा। इस संदर्भ में, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि इस संशोधन को लाना प्रधानमंत्री मोदी की संवेदनशीलता और जिम्मेदाराना सरकार का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अब परीक्षा माफिया संगठित हो गया है और यह संशोधन देश के युवाओं के सपनों को सुरक्षित करेगा।
बांसुरी स्वराज ने यह भी कहा कि बहस तथ्यों और प्रमाणों पर होनी चाहिए, न कि पूर्वाग्रहों पर। उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष के अन्य सदस्यों पर आरोप लगाया कि वे नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि पेपर लीक की समस्या 2014 के बाद शुरू हुई, जबकि इससे पहले के एक दशक में संप्रग सरकार के दौरान भी 22 बार पेपर लीक के कारण परीक्षाएं निरस्त करनी पड़ी थीं। उन्होंने राजस्थान में कांग्रेस सरकार, बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार, तेलंगाना में बीआरएस सरकार और उत्तर प्रदेश में सपा सरकार के दौरान हुई पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख करते हुए पंजाब की ताजा पेपर लीक की घटना की ओर भी ध्यान दिलाया। इस प्रकार, शशि थरूर और बांसुरी स्वराज के बयानों ने पेपर लीक की समस्या के समाधान के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता को स्पष्ट किया है।









