Protest at Johar University Ends: जौहर यूनिवर्सिटी का धरना खत्म, मंडलायुक्त ने ध्वस्तीकरण आदेश पर लगाई रोक

रामपुर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां जौहर यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं का धरना आखिरकार समाप्त हो गया है। यह धरना पिछले दस दिनों से चल रहा था और इसका क
रामपुर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां जौहर यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं का धरना आखिरकार समाप्त हो गया है। यह धरना पिछले दस दिनों से चल रहा था और इसका कारण विश्वविद्यालय के अवैध घोषित भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश था। सोमवार को मंडलायुक्त आंजनेय कुमार ने इस ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक लगा दी, जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। सोमवार की रात, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने विश्वविद्यालय का दौरा किया और छात्रों को समझाकर धरना समाप्त कराया। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है।
15 जुलाई को रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी में बिना नक्शा स्वीकृत कराए 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मंडलायुक्त न्यायालय और हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार ने सोमवार को ध्वस्तीकरण के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई निर्धारित की गई है। इससे पहले, धरने के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर कई बार प्रदर्शन किए थे और प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की थी।
सोमवार रात लगभग आठ बजे, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी धरनारत छात्रों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके बाद, मंगलवार सुबह वह लखनऊ चले गए। वहीं, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम आज दोपहर में यूनिवर्सिटी पहुंचने वाले हैं। इस प्रकार, जौहर यूनिवर्सिटी में चल रहे इस विवाद का समाधान अब हाईकोर्ट की सुनवाई पर निर्भर करेगा, जिससे छात्रों और विश्वविद्यालय प्रबंधन को राहत मिल सकती है।









