Protests at Jantar Mantar: प्रदर्शनकारी के वॉलंटियर पर पुलिस का आरोप

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के दौरान एक नया विवाद सामने आया है। प्रदर्शनकारियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने वाले वॉलंटियर मोहम्म
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के दौरान एक नया विवाद सामने आया है। प्रदर्शनकारियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने वाले वॉलंटियर मोहम्मद जुनैद ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूरी रात आंखों पर पट्टी बांधकर रखा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनसे प्रदर्शन के लिए भोजन की व्यवस्था और फंडिंग के बारे में पूछताछ की। इस घटना के बाद जुनैद के परिवार ने भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके घर पर पहुंचकर पूछताछ की। हालांकि, गाजियाबाद पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि जुनैद के पिता को सामान्य पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।
सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से जुनैद के कई वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें वह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को मुफ्त भोजन और पानी उपलब्ध कराते नजर आ रहे थे। जुनैद ने बताया कि 24 जुलाई की रात उन्हें दिल्ली पुलिस के कुछ लोगों ने रोका। उन्होंने कहा कि उस समय रात करीब 10.50 से 10.55 बजे के बीच उन्हें एक कुत्ते ने काट लिया था। अस्पताल से लौटते समय कुछ लोग उनके ऑटो को रोककर खुद को दिल्ली पुलिस का कर्मचारी बताने लगे। जुनैद का आरोप है कि इसके बाद उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई और उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। पूरी रात उनकी आंखों पर पट्टी बंधी रही और अगले दिन सुबह उनसे पूछताछ की गई।
जुनैद ने कहा कि पूछताछ के दौरान उनसे बार-बार यह पूछा गया कि प्रदर्शन में बांटा जा रहा भोजन कहां से आ रहा है और इसके लिए पैसा कौन दे रहा है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि भोजन की व्यवस्था अलग-अलग वॉलंटियर मिलकर करते हैं। कुछ लोग ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के जरिए खाना मंगाते हैं, जबकि कई लोग अपने स्तर पर भोजन और पानी लेकर प्रदर्शन स्थल पहुंचते हैं। इसके बाद उन्हें उत्तराखंड के मसूरी में छोड़ दिया गया। इस विवाद के बाद, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने जुनैद से मुलाकात की और उन्हें समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। वहीं, समाजवादी पार्टी और अन्य संगठनों ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।









