Protests erupt at PU after PhD scholar's electrocution: पीएचडी स्कॉलर की करंट से मौत के बाद PU में छात्रों का प्रदर्शन

चंडीगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब यूनिवर्सिटी में एक पीएचडी स्कॉलर की करंट लगने से मौत के बाद मंगलवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना के बाद छा
चंडीगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब यूनिवर्सिटी में एक पीएचडी स्कॉलर की करंट लगने से मौत के बाद मंगलवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना के बाद छात्रों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू किया। छात्रों ने विद्युत शाखा के एक्सईएन कार्यालय के बाहर एकत्र होकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और विद्युत सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की। छात्रों का कहना था कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। इसके बाद, बड़ी संख्या में छात्र कुलपति कार्यालय की ओर बढ़े और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान कुलपति प्रो. रेणु विज और विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यालय के अंदर मौजूद थे। छात्रों ने इस बात पर जोर दिया कि हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। छात्रों का यह प्रदर्शन तब हुआ जब मौजूदा कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने वाला था। छात्रों ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को इस मामले में जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। छात्रों की यह मांगें विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गई हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी आवाज को बुलंद करते हुए कहा कि वे तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं। इस घटना ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे को सवालों के घेरे में ला दिया है। छात्रों का यह आंदोलन केवल एक घटना का प्रतिरोध नहीं है, बल्कि यह विद्युत सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को भी दर्शाता है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल छात्रों के लिए, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। छात्रों ने यह भी कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी प्रदर्शन जारी रखेंगे और प्रशासन से उचित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।









