Protests in Kolkata: भाजपा ने छात्र आंदोलन पर अराजकता फैलाने का लगाया आरोप

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बंगाल इकाई ने सोमवार को कोलकाता में दो रैलियों का आयोजन किया, जिसमें नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्र आंदोल
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बंगाल इकाई ने सोमवार को कोलकाता में दो रैलियों का आयोजन किया, जिसमें नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्र आंदोलन के नाम पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया गया। ये रैलियां गोलपार्क से जादवपुर और सियालदह से धर्मतल्ला तक निकाली गईं, जिसमें बंगाल सरकार के कई मंत्री और भाजपा विधायक राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने इस दौरान सरकार की नीतियों की आलोचना की और छात्रों को आगे कर देश में अराजकता फैलाने की साजिश का आरोप लगाया। रैली में शामिल बंगाल के उद्योग मंत्री तापस राय ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में 53 बार प्रश्नपत्र लीक हुए थे, और उन्होंने नीट आंदोलन के नाम पर अराजकता और देश विरोधी नारेबाजी को बर्दाश्त न करने की बात कही। उन्होंने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
रैली में शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि देश में हिंसा फैलाने की कोशिश की जा रही है और छात्रों को आगे कर देश को बांटने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और समाचार माध्यमों को निशाना बनाया जा रहा है। भाजपा विधायक सजल घोष ने सवाल उठाया कि हिंसा के आरोप में गिरफ्तार लोग खुद को छात्र कैसे कह सकते हैं। उन्होंने माकपा, कांग्रेस और तृणमूल पर एकजुट होकर साजिश रचने का आरोप लगाया। रैली के दौरान प्रधानमंत्री के सम्मान में भी नारे लगाए गए। इसके अलावा, मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन भी इस मुद्दे पर कोलकाता में रैली करेंगे।
इस बीच, पत्रकारों ने भी प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के खिलाफ रैली निकाली। यह रैली प्रेस क्लब कोलकाता से शुरू होकर रानी रासमणि एवेन्यू पर समाप्त हुई। पत्रकारों ने अपने पेशेवर कर्तव्यों का पालन करते समय सुरक्षा की मांग को लेकर मानव श्रृंखला बनाई। प्रदर्शन के दौरान घायल पत्रकारों ने लोक भवन जाकर अधिकारियों से मुलाकात की। हालांकि, राज्यपाल आरएन रवि उस समय लोक भवन में मौजूद नहीं थे। पत्रकारों ने अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और मामले में हस्तक्षेप की मांग की। इस प्रकार, कोलकाता में चल रहे इस आंदोलन ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया है।









