Paper Leak Controversy in Punjab-Jharkhand: कांग्रेस ने मान को तो बीजेपी ने हेमंत को घेरा

पंजाब में पेपर लीक का मुद्दा राजनीतिक गर्माहट को बढ़ा रहा है। हाल ही में कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर संसद तक भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल
पंजाब में पेपर लीक का मुद्दा राजनीतिक गर्माहट को बढ़ा रहा है। हाल ही में कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर संसद तक भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व में पार्टी के सांसद संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, झारखंड में भी बीजेपी ने पेपर लीक के मामले को लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है। फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और हाई-टेक नकल के मामले ने छात्रों के बीच गुस्से को बढ़ा दिया है। इस स्थिति को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। पंजाब में पेपर लीक के मामले को लेकर कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाया है, जबकि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर 'डिनायल मोड' में है। सीएम भगवंत मान ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। इसके बावजूद विपक्ष ने इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
राजा वडिंग ने आरोप लगाया है कि पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार के साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में छह बड़े पेपर लीक हुए हैं, जिससे लगभग पांच लाख युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार की जवाबदेही और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई है। राजा वडिंग ने यह भी कहा कि हरजोत सिंह बैंस को मंत्री पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी फरीदकोट पहुंचकर छात्र आंदोलन में शामिल हुए हैं। उन्होंने छात्रों के साथ खड़े होने का वादा किया है और कहा है कि अब जवाबदेही और समान अवसरों की मांग का समय आ गया है।









