PWD starts road construction without land acquisition: मंडी कोर्ट ने काम पर लगाई रोक

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक विवादित भूमि पर सड़क निर्माण को लेकर अदालत ने रोक लगा दी है। सीनियर सिविल कोर्ट ने आवेदक जगदीश कुमार की याचिका पर सुनवाई करते
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक विवादित भूमि पर सड़क निर्माण को लेकर अदालत ने रोक लगा दी है। सीनियर सिविल कोर्ट ने आवेदक जगदीश कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों और ठेकेदार को निर्देश दिया है कि वे किसी भी प्रकार का सड़क निर्माण कार्य न करें। यह अंतरिम आदेश मुख्य दीवानी मुकदमे के निपटारे तक प्रभावी रहेगा। अदालत का यह निर्णय उस समय आया जब आवेदक ने आरोप लगाया कि राज्य सड़क परियोजना और ठेकेदार ने उनकी स्वामित्व वाली भूमि पर बिना भूमि अधिग्रहण और बिना सहमति के सड़क का निर्माण शुरू कर दिया है। आवेदक जगदीश कुमार ने अदालत में कहा कि यह भूमि उनके दिवंगत पिता के नाम पर दर्ज है और वह इसके एकमात्र कानूनी वारिस हैं। इस मामले में अदालत ने आवेदक के पक्ष में सुनवाई करते हुए कहा कि यदि निर्माण कार्य को रोका नहीं गया, तो आवेदक को अपूर्णीय क्षति का सामना करना पड़ सकता है।
दूसरी ओर, विभाग ने अपने जवाब में यह स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण लोक निर्माण विभाग की अपनी भूमि पर किया जा रहा है और किसी निजी संपत्ति पर कब्जा नहीं किया गया है। विभाग का यह दावा अदालत में प्रस्तुत किया गया, लेकिन अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह माना कि पहली नजर में मामला आवेदक के पक्ष में बनता है। अदालत ने यह भी कहा कि संपत्ति की स्थिति को बनाए रखना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी भी जटिलता से बचा जा सके। इस प्रकार, अदालत ने यह सुनिश्चित किया कि निर्माण कार्य को रोकने का आदेश दिया जाए, जिससे आवेदक को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाया जा सके।
इस मामले में अदालत का निर्णय महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भूमि अधिग्रहण और सहमति के बिना किसी भी निर्माण कार्य को रोकने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह निर्णय उन नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करता है, जो अपनी संपत्ति के संबंध में किसी भी प्रकार की अनियमितता का सामना कर रहे हैं। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि यदि निर्माण कार्य जारी रहा, तो इससे आवेदक को गंभीर नुकसान हो सकता है। इस प्रकार, मंडी की अदालत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जो न केवल आवेदक के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों में भी एक मिसाल कायम करेगा।









