Railway Arrangements for Kanwariyas: श्रावणी मेला के दौरान कांवड़ियों के लिए रेलवे की विशेष व्यवस्था

सिमुलतला (जमुई) से संवाद सूत्र के अनुसार, श्रावणी मेला के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम और सुल्तानगंज जाने वाले कांवड़ियों एवं यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान मे
सिमुलतला (जमुई) से संवाद सूत्र के अनुसार, श्रावणी मेला के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम और सुल्तानगंज जाने वाले कांवड़ियों एवं यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे ने विशेष रेल व्यवस्था की घोषणा की है। इस व्यवस्था के तहत जसीडीह और सुल्तानगंज स्टेशनों पर कई ट्रेनों के ठहराव समय में वृद्धि की जाएगी। इसके साथ ही, कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों को अस्थायी ठहराव भी दिया जाएगा और चयनित ट्रेनों में अतिरिक्त सामान्य कोच लगाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी दी।
रेलवे के अनुसार, 30 जुलाई से 29 अगस्त तक जसीडीह स्टेशन पर जिन मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का निर्धारित ठहराव पांच मिनट से कम है, उनका ठहराव बढ़ाकर अधिकतम पांच मिनट किया जाएगा। हालांकि, राजधानी, वंदे भारत, दुरंतो, पूर्वा, जनशताब्दी, गरीब रथ, हमसफर और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी 11 प्रीमियम ट्रेनों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। इसके अलावा, गंगाजल लेने आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 30 जुलाई से 28 अगस्त तक सुल्तानगंज स्टेशन पर भी चयनित ट्रेनों का ठहराव बढ़ाकर पांच मिनट किया जाएगा।
मेला अवधि के दौरान छह प्रमुख साप्ताहिक ट्रेनों को सुल्तानगंज स्टेशन पर दो मिनट का अस्थायी ठहराव दिया जाएगा। इनमें भागलपुर-अजमेर एक्सप्रेस, मालदा टाउन-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस, आनंद विहार टर्मिनल-मालदा टाउन एक्सप्रेस, अजमेर-भागलपुर एक्सप्रेस, कामाख्या-गया एक्सप्रेस और गया-कामाख्या एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों के अस्थायी ठहराव की अवधि संबंधित परिचालन तिथियों के अनुसार अगस्त माह तक प्रभावी रहेगी। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने कई लोकप्रिय ट्रेनों में एक-एक अतिरिक्त सामान्य द्वितीय श्रेणी कोच भी लगाने का निर्णय लिया है, जिसमें मिथिला एक्सप्रेस (हावड़ा-रक्सौल), हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस, गंगासागर एक्सप्रेस (सियालदह-जयनगर), सियालदह-बलिया एक्सप्रेस, मालदा टाउन-पटना एक्सप्रेस और मालदा टाउन-किऊल एक्सप्रेस शामिल हैं। रेलवे का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक रेल यात्रा उपलब्ध कराना है।









