Railway Copper Cable Theft: झारखंड-बिहार के गिरोह का पर्दाफाश, हजारीबाग में चार गिरफ्तार

धनबाद से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेलवे के कापर केबल चुराने वाले झारखंड और बिहार के अंतरप्रांतीय गिरोह के पांच सदस्यों को आरपीएफ और सीआइबी ने गिरफ्तार किया है
धनबाद से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेलवे के कापर केबल चुराने वाले झारखंड और बिहार के अंतरप्रांतीय गिरोह के पांच सदस्यों को आरपीएफ और सीआइबी ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह हजारीबाग में सक्रिय था और उनकी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। 27 जुलाई की रात 9:41 बजे रेलवे के नियंत्रण कक्ष और सिग्नल स्टाफ ने सूचना दी कि हजारीबाग टाउन के आइबीएस में कुछ लोग आपराधिक गतिविधि कर रहे हैं। इसके बाद धनबाद सीआइबी इंस्पेक्टर अरविंद कुमार राम और आरपीएफ इंस्पेक्टर ने मिलकर घटनास्थल को घेर लिया। वहां चार लोग कापर केबल काटते हुए पकड़े गए। दो को मौके पर ही गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य भागने में सफल रहे। बाद में पुलिस ने उन्हें ट्रैक के किनारे से पकड़ लिया। इस दौरान मौके से पांच किलो कटा हुआ कापर केबल भी बरामद किया गया। इसके अलावा, गिरोह के सदस्यों की निशानदेही पर केबल काटने के उपकरण और 10 किलो कापर केबल भी बरामद किया गया। पूछताछ में पता चला कि ये लोग चोरी के कापर केबल को गया के वजीरगंज निवासी अजय कुमार कसेरा को बेचते थे। अजय के कबाड़ी गोदाम पर छापेमारी के दौरान रेलवे आइबीएस में उपयोग होने वाली कापर पट्टियां और जले हुए 10 किलो केबल भी बरामद किए गए। अजय ने चोरी का कापर केबल खरीदने का अपराध स्वीकार किया और बताया कि वह इसे ग्रामीण सहयोगी राजू कुमार को बेचता था। इसके बाद राजू के कबाड़ी गोदाम पर भी छापेमारी की गई, जहां से कापर पट्टियां और 12 किलो जले हुए केबल बरामद किए गए। राजू ने बताया कि वह चोरी का कापर पटना के आगमकुआं क्षेत्र के कुम्हारटोली में रहने वाले गौरी शंकर को बेचता है।
इसके बाद सीआइबी दानापुर और आगमकुआं थाने की पुलिस ने गौरी के कबाड़ी गोदाम पर छापा मारा, लेकिन वहां न तो गोदाम संचालक मिला और न ही चोरी का सामान बरामद हुआ। पकड़े गए चार युवकों में गिरिडीह जिले के हीरोडीह का 25 वर्षीय विकास कुमार, गया के गुरपा का 26 वर्षीय बजरंगी तुरिया, शेखपुरा के जोघन बीघा का 18 वर्षीय रोहित कुमार और नवादा के रजौली का 22 वर्षीय वीरेंद्र कुमार तुरी शामिल हैं। ये सभी इस साल फरवरी से जून तक आइबीएस में चोरी की छह घटनाओं को अंजाम दे चुके थे। सातवीं बार चोरी के दौरान इन्हें पकड़ लिया गया। इस मामले में फरार पटना के गौरी शंकर को सभी मामलों में अभियुक्त बनाया गया है। यह घटना रेलवे सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि इससे न केवल रेलवे के संसाधनों को नुकसान पहुंचता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। पुलिस का कहना है कि वे इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।











