Railway Opens Gate After 30 Years: बेहटा हाजीपुर का बंद फाटक कांवड़ यात्रा के लिए खोला गया

लोनी से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की ओर जाने वाले भोले के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। बेहटा हाजीपुर का
लोनी से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की ओर जाने वाले भोले के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। बेहटा हाजीपुर का बंद फाटक, जो पिछले तीन दशकों से बंद था, आज अधिकारियों की देखरेख में खोला जाएगा। यह निर्णय कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। लोनी के एसडीएम दीपक सिंघनवाल ने बताया कि कांवड़ियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए यह फाटक खोला जा रहा है। इसके साथ ही, यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की गति भी कम कर दी गई है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम हो सके।
बेहटा हाजीपुर गांव स्थित यह फाटक एक हादसे के बाद बंद कर दिया गया था, जिसके कारण आसपास की कॉलोनियों के निवासियों को आवाजाही में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रेम नगर, राधा विहार, धामा एन्क्लेव, गोविंद टाउन, शक्ति गार्डन और उत्तरांचल विहार जैसी कॉलोनियों के निवासियों ने इस फाटक को खोलवाने के लिए कई बार रेलवे को चिट्ठियां लिखी और धरने भी दिए, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। अब, कांवड़ यात्रा के मद्देनजर, यह निर्णय लिया गया है कि फाटक को खोला जाएगा, जिससे भक्तों को यात्रा में कोई बाधा न आए।
इस निर्णय से न केवल कांवड़ियों को राहत मिलेगी, बल्कि आसपास के निवासियों को भी आवाजाही में सुविधा होगी। तीन दशकों से बंद इस फाटक के खुलने से क्षेत्र के विकास में भी मदद मिलेगी। रेलवे और प्रशासन की ओर से यह कदम एक सकारात्मक संकेत है, जो दर्शाता है कि स्थानीय निवासियों की समस्याओं को ध्यान में रखा जा रहा है। अब देखना यह है कि इस फाटक के खुलने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था कैसे सुधरती है और श्रद्धालुओं को किस प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं।









