Rape case in Roorkee: दोषी सुहैल उर्फ राणा को 21 साल की कठोर सजा

रुड़की में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषी सुहैल उर्फ राणा को 21 साल की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उसे
रुड़की में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषी सुहैल उर्फ राणा को 21 साल की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उसे 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पीड़ित बच्ची को दो लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि दिए जाने का आदेश भी दिया गया है। यह मामला तब सामने आया जब 28 सितंबर 2024 को एक व्यक्ति ने मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि उसकी नौ साल की बेटी को सुहैल उर्फ राणा ने दूध लाने के लिए बुलाया था। जब बच्ची दूध लेकर उसके घर पहुंची, तो राणा ने दरवाजा बंद कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची जब निर्वस्त्र हालत में घर पहुंची, तो उसने अपनी मां को इस घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और 7 अक्टूबर 2024 को सुहैल उर्फ राणा को गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया, लेकिन 6 मई 2025 को अदालत ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई, जिसमें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश सिंह ने सभी गवाहों और सबूतों को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज के लिए बेहद गंभीर हैं और ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में सुरक्षा का माहौल बना रहे। न्यायाधीश ने कहा कि पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने के लिए यह सजा आवश्यक थी।
अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार में थोड़ी राहत मिली है, लेकिन समाज में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए और भी ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के प्रति बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए समाज को जागरूक करने की जरूरत है। इसके साथ ही, कानून में भी सुधार की आवश्यकता है ताकि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय मिल सके। इस मामले ने एक बार फिर से बच्चों के खिलाफ अपराधों की गंभीरता को उजागर किया है और यह आवश्यक है कि समाज और सरकार दोनों मिलकर इस दिशा में ठोस कदम उठाएं।









