Rath Yatra Concludes: नीलाद्रि बीजे के साथ संपन्न हुई श्रीजगन्नाथ रथयात्रा, रसगुल्ले के भोग से मानीं मां लक्ष्मी

जागरण संवाददाता, पुरी। भगवान श्रीजगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा का अंतिम और अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान नीलाद्रि बीजे सोमवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न
जागरण संवाददाता, पुरी। भगवान श्रीजगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा का अंतिम और अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान नीलाद्रि बीजे सोमवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर तीनों रथों पर संध्या धूप और संध्या आरती की सभी परंपरागत नीतियों का पालन किया गया। इसके बाद महाप्रभु की पहंडी बीजे की शुरुआत हुई, जिसमें सबसे पहले मदनमोहन, राम और कृष्ण को महाजन सेवकों द्वारा दक्षिण गृह ले जाया गया। इसके बाद गोटी पहंडी के माध्यम से चक्रराज सुदर्शन, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अंत में महाप्रभु श्रीजगन्नाथ रथ से श्रीमंदिर की ओर प्रस्थान किए। जय-विजय द्वार से होकर सभी विग्रहों को गर्भगृह तक पहुंचाया गया। नीलाद्रि बीजे केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक परंपराओं का भी जीवंत प्रतीक है। यह पर्व भगवान और भक्तों के आत्मीय संबंध के साथ-साथ भारतीय पारिवारिक मूल्यों को भी दर्शाता है। जब भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और चक्रराज सुदर्शन मंदिर में प्रवेश कर चुके, तब महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के पहुंचने पर मां लक्ष्मी ने अपने सेवकों के माध्यम से जय-विजय द्वार बंद करवा दिया। रथयात्रा से लौटने में विलंब होने के कारण मां लक्ष्मी रुष्ट थीं और उन्होंने प्रारंभ में महाप्रभु के सभी अनुरोध अस्वीकार कर दिए। महाप्रभु ने धैर्यपूर्वक मां लक्ष्मी की नाराजगी सुनी और स्नेहपूर्वक उन्हें विभिन्न नामों से संबोधित कर मनाने का प्रयास किया। अंततः उन्हें मां लक्ष्मी की प्रिय मिठाई रसगुल्ला का स्मरण हुआ और उन्होंने रसगुल्ला भोग अर्पित किया। भोग स्वीकार करने के बाद मां लक्ष्मी प्रसन्न हुईं और श्रीजगन्नाथ को मंदिर में प्रवेश की अनुमति प्रदान की। इसके बाद महाप्रभु श्रीजगन्नाथ रत्नसिंहासन पर विराजमान हुए। इसी के साथ नीलाद्रि बीजे अनुष्ठान संपन्न हुआ और भगवान श्रीजगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा का शुभ समापन हो गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को लेकर विशेष प्रबंध किए गए। महाप्रभु की पहंडी बीजे को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी, पुरी के जिलाधिकारी दिव्यज्योति परिडा और एसपी पी. सिंह ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की।









