Ration Card Cancellation in Delhi: 1.79 लाख राशन कार्ड रद, 7.5 लाख लाभार्थी PDS प्रणाली से बाहर

दिल्ली सरकार ने हाल ही में नियमों के उल्लंघन और अपात्रता के आधार पर 1.79 लाख से अधिक राशन कार्ड रद कर दिए हैं। इस निर्णय के परिणामस्वरूप लगभग 7.5 लाख लाभार्थी स
दिल्ली सरकार ने हाल ही में नियमों के उल्लंघन और अपात्रता के आधार पर 1.79 लाख से अधिक राशन कार्ड रद कर दिए हैं। इस निर्णय के परिणामस्वरूप लगभग 7.5 लाख लाभार्थी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से बाहर हो गए हैं। खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार, रद किए गए राशन कार्डों में से सबसे अधिक 1.44 लाख कार्ड उन परिवारों के थे, जिनकी वार्षिक आय निर्धारित सीमा 1.20 लाख रुपये से अधिक पाई गई। आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इन परिवारों में से किसी न किसी सदस्य की सालाना आय छह लाख रुपये से भी अधिक थी, जो कि राशन कार्ड धारक होने की शर्तों का उल्लंघन है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सरकार ने राशन कार्ड धारकों की पात्रता की जांच को गंभीरता से लिया है।
इसके अतिरिक्त, लगभग 35 हजार राशन कार्ड इसलिए रद किए गए क्योंकि धारकों ने 12 महीने से अधिक समय से राशन नहीं लिया था। यह स्थिति उन लोगों के लिए चिंताजनक है जो वास्तव में जरूरतमंद हैं, लेकिन नियमों के तहत अपने कार्ड का उपयोग नहीं कर पाए। जांच में यह भी सामने आया कि करीब पांच हजार लोग मृत व्यक्तियों के नाम पर और 29 हजार से अधिक लोग डुप्लीकेट कार्ड के माध्यम से राशन का लाभ उठा रहे थे। यह तथ्य दर्शाता है कि राशन वितरण प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ मिल सके।
दिल्ली सरकार ने हाल ही में राशन कार्ड के लिए वार्षिक आय सीमा को 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये कर दिया है, जिससे अधिक लोग इस प्रणाली का लाभ उठा सकें। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मई महीने से ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर नए राशन कार्ड के लिए आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं और लगभग दो लाख पात्र लोगों को नए राशन कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही, सरकार ने तीन लाख से अधिक लंबित पुराने आवेदनों की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। वर्तमान में, दिल्ली में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या लगभग 15.46 लाख है, जो इस प्रणाली की व्यापकता को दर्शाता है।









