Religious Ceremony in Baghpat: श्रद्धालुओं ने भगवान के 1024 गुणों की पूजा की

बड़ौत के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान के 1024 गुणों की विशेष पूजा-अर्चना की
बड़ौत के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान के 1024 गुणों की विशेष पूजा-अर्चना की। इस धार्मिक अनुष्ठान में विधानाचार्य संदीप जैन और आदिश जैन ने भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक एवं शांतिधारा कराई। इस अवसर पर पहले अभिषेक का सौभाग्य अशोक जैन और अमित जैन को प्राप्त हुआ, जबकि शांतिधारा का सौभाग्य संजीव जैन, अमन जैन, अक्षत जैन और अगम जैन को मिला। इस धार्मिक अनुष्ठान में सौधर्म इंद्र डॉ. आरके जैन, इशान इंद्र योगेश जैन, यज्ञनायक सत्येंद्र जैन और कुबेर इंद्र अतुल जैन ने भी भाग लिया। विधानाचार्य संदीप जैन ने श्रद्धालुओं को पंच परमेष्ठी के सिद्धांतों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि धर्म के प्रति सच्ची श्रद्धा होनी चाहिए और सच्चे देव, शास्त्र और गुरु की निस्वार्थ आराधना आवश्यक है। उन्होंने समाज से एकजुट होकर धर्म को बढ़ावा देने की अपील की।
इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन मंदिर परिसर में किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की भक्ति में लीन होकर पूजा-अर्चना की। विधानाचार्य ने जैन धर्म के सिद्धांतों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि हमें पहले स्वयं इन सिद्धांतों का अनुसरण करना चाहिए। शाम को मंदिर में भगवान की आरती और भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस भजन संध्या में भक्तों ने एकत्र होकर भक्ति गीत गाए और भगवान की महिमा का गुणगान किया। इस अवसर पर प्रबंध समिति के अध्यक्ष बीरसैन जैन, महामंत्री अनिल कुमार जैन, नवीन जैन, विनय जैन, पारस जैन, अमर जैन, सचिन जैन आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।









