Report Card of Aligarh Atroli MLA: समग्र विकास अब भी चुनौती, तकनीकी शिक्षण संस्थान की जरूरत

अलीगढ़ के अतरौली विधानसभा क्षेत्र की पहचान प्रदेश की राजनीति में हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। यहां के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह की जन्मभूमि होने के
अलीगढ़ के अतरौली विधानसभा क्षेत्र की पहचान प्रदेश की राजनीति में हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। यहां के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह की जन्मभूमि होने के कारण इस क्षेत्र की राजनीतिक पहचान भी खास है। वर्तमान विधायक संदीप सिंह, जो प्रदेश सरकार में मंत्री भी हैं, के नेतृत्व में क्षेत्र के विकास की उम्मीदें बढ़ी हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि अतरौली विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुए। इसके लिए औद्योगिक परियोजनाओं और उच्च शिक्षण संस्थानों की आवश्यकता है। अतरौली एक कृषि प्रधान क्षेत्र है, जहां किसान गन्ने और अन्य फसलों की खेती करते हैं। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में गन्ना मिल नहीं होने के कारण उन्हें अपनी उपज दूर-दूर ले जाकर बेचना पड़ता है, जिससे समय और परिवहन खर्च बढ़ जाता है। किसान जगदीश प्रसाद ने गन्ना मिल की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे उनकी समस्याएं हल होंगी और आर्थिक लाभ भी होगा। इसके साथ ही, आधुनिक डेयरी प्लांट की स्थापना की मांग भी उठ रही है, जिससे पशुपालकों को दूध का बेहतर बाजार मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस प्रकार, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि हो सकती है।
अतरौली में उच्च शिक्षा के संस्थानों की स्थापना से युवाओं को बेहतर शिक्षा के लिए अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे हजारों छात्रों को लाभ होगा और शिक्षा का स्तर भी मजबूत होगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि अतरौली में विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज और मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों की आवश्यकता है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र का विकास नई दिशा में बढ़ सकता है। हालांकि, विकास की उम्मीदों के बीच कुछ मूलभूत समस्याएं भी लोगों की चिंता का कारण बनी हुई हैं। मुहल्ला बहादुरपुर में जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिससे बारिश के समय स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी तरह, गांव गनियावली के ग्रामीणों ने अतरौली-गनियावली मार्ग की जर्जर हालत पर चिंता जताई है। संजय शर्मा ने बताया कि सड़क पर गड्ढों की भरमार होने से वाहन चालकों और राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात में गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।









