Report Card Reform in Sultanpur: परिषदीय स्कूलों में बनेगा समग्र रिपोर्ट कार्ड, अब अंकों की जगह मिलेंगे ग्रेड

सुलतानपुर के परिषदीय स्कूलों में छात्रों के लिए एक नया समग्र रिपोर्ट कार्ड पेश किया जाएगा, जो कि इस शैक्षिक सत्र से लागू होगा। इस रिपोर्ट कार्ड में छात्रों की प
सुलतानपुर के परिषदीय स्कूलों में छात्रों के लिए एक नया समग्र रिपोर्ट कार्ड पेश किया जाएगा, जो कि इस शैक्षिक सत्र से लागू होगा। इस रिपोर्ट कार्ड में छात्रों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व का भी समग्र मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें छात्रों की हर महीने की उपस्थिति, माता-पिता के नाम और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी। यह कदम छात्रों की शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। रिपोर्ट कार्ड का मूल्यांकन साल में दो बार, सितंबर के अंतिम सप्ताह और मार्च के अंतिम सप्ताह में किया जाएगा, जिसमें शिक्षक छात्रों की प्रगति का आकलन करेंगे। यह एक अभिनव प्रयोग माना जा रहा है, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेगा।
परिषदीय स्कूलों में अब रिपोर्ट कार्ड में अंकों के स्थान पर ग्रेड दिए जाएंगे। यह नई व्यवस्था 2026-27 के शैक्षिक सत्र से लागू की जाएगी। रिपोर्ट कार्ड पर एक क्यूआर कोड भी होगा, जिसे स्कैन करके छात्र अपनी पूरी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रणाली के तहत कक्षा में छात्रों के सीखने के स्तर को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा, जिससे उनकी प्रगति को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। सभी विषयों में शैक्षिक परीक्षा परिणाम में प्रथम सत्र परीक्षा, अर्द्धवार्षिक परीक्षा, द्वितीय सत्र और वार्षिक परीक्षा के ग्रेड शामिल होंगे।
निदेशालय द्वारा नए रिपोर्ट कार्ड का प्रारूप जारी कर दिया गया है, जिसमें ग्रेडिंग प्रणाली को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है। प्रगति पत्र में प्राप्तांक के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी, जिसमें ए वन ग्रेड 91-100 प्रतिशत अंक, ए टू ग्रेड 81-90 प्रतिशत, बी वन 71-80 प्रतिशत, बी टू 61-70 प्रतिशत, सी वन 51-60 प्रतिशत, सी टू 41-50 प्रतिशत, डी वन 33-40 प्रतिशत और डी टू ग्रेड 32 प्रतिशत या उससे कम अंक मिलने पर दिया जाएगा। बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस प्रकार के प्रयोग से छात्रों की सीखने और समझने की क्षमता का आसानी से पता लगाया जा सकेगा, जिससे कमजोर बच्चों का शैक्षणिक विकास बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। इस नई प्रणाली से शिक्षा के स्तर में सुधार की उम्मीद की जा रही है।









