Rescue operation in Rudraprayag: मंदाकिनी नदी में फंसी महिलाएं सुरक्षित निकाली गईं

रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा क्षेत्र में एक चिंताजनक घटना सामने आई, जब लकड़ी बीनने गई तीन महिलाएं मंदाकिनी नदी की बीच धारा में फंस गईं। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से
रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा क्षेत्र में एक चिंताजनक घटना सामने आई, जब लकड़ी बीनने गई तीन महिलाएं मंदाकिनी नदी की बीच धारा में फंस गईं। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से महिलाएं वहां फंस गईं, जिससे उनकी जान को खतरा उत्पन्न हो गया। जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया और सभी महिलाओं को सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास किए गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। तीनों महिलाओं को सुरक्षित रूप से नदी से बाहर निकाल लिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मंगलवार और बुधवार को उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चम्पावत, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में मध्यम फ्लैश फ्लड का जोखिम बना हुआ है। आईएमडी के फ्लैश फ्लड बुलेटिन के अनुसार, लगातार वर्षा के कारण छोटे नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने, निचले क्षेत्रों में जलभराव और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका जताई गई है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने लोगों से अपील की है कि वे विशेष सतर्कता बरतें और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें।
सचिव ने बताया कि ऑरेंज अलर्ट के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा, भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कों के अवरुद्ध होने, नदी-नालों के उफान, निचले क्षेत्रों में जलभराव और आकाशीय बिजली जैसी घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों और चारधाम यात्रियों से आग्रह किया कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा आवश्यक हो तो मौसम और सड़क की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के बाद ही यात्रा करें। इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए सभी को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचना चाहिए।









