Riot Control Equipment: पुलिस के रायट कंट्रोल किट में क्या-क्या होता है?

हाल ही में बिहार के सीवान में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान एक जवान द्वारा ak-47 से की गई फायरिंग ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। इस घटन
हाल ही में बिहार के सीवान में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान एक जवान द्वारा AK-47 से की गई फायरिंग ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। इस घटना के बाद से यह सवाल उठने लगा है कि पुलिस के पास प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से उपकरण होते हैं। पुलिस बलों के पास भीड़ नियंत्रण के लिए कई प्रकार के उपकरण होते हैं, जिनमें से कुछ का उपयोग हाल के प्रदर्शनों में किया गया है। इन उपकरणों में फुल बॉडी प्रोटेक्टर, बुलेट रेजिस्टेंट जैकेट, आंसू गैस, PAVA शेल, और चिली वॉटर कैनन शामिल हैं। फुल बॉडी प्रोटेक्टर का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को पत्थर और अन्य वस्तुओं के हमलों से बचाना है, जबकि बुलेट रेजिस्टेंट जैकेट गोली लगने की स्थिति में सुरक्षा प्रदान करती है। आंसू गैस और PAVA शेल का उपयोग भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है, जिससे उन्हें अस्थायी असुविधा होती है और वे पीछे हटने पर मजबूर होते हैं। चिली वॉटर कैनन में पानी के साथ मिर्च का घोल मिलाकर भीड़ पर छोड़ा जाता है, जिससे भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
पुलिस के पास भीड़ को नियंत्रित करने के लिए और भी कई उपकरण होते हैं, जैसे शॉक बैटन, स्टन ग्रेनेड, एंटी-रायट गन, और पंप एक्शन गन। शॉक बैटन में हल्का करंट होता है, जिससे दंगाइयों को पीछे हटाने में मदद मिलती है। स्टन ग्रेनेड तेज रोशनी और धमाके के साथ भीड़ को भ्रमित करने के लिए उपयोग किया जाता है। एंटी रायट गन से प्लास्टिक या रबर के पेलेट दागे जाते हैं, जो हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। पंप एक्शन गन का उपयोग शरीर के निचले हिस्से की ओर निशाना बनाकर किया जाता है। इसके अलावा, लॉन्ग रेंज अकूस्टिक डिवाइस (LRAD) का उपयोग भीड़ को चेतावनी देने के लिए किया जाता है।











