Rising Cost of Healthy Food: हर तीसरी थाली से पोषण गायब, आखिर क्यों महंगा होता जा रहा है स्वस्थ भोजन?

हमारी थाली में खाना तो होता है, लेकिन क्या उसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं? यह एक गंभीर सवाल है, जिसका उत्तर हमें समझने की आवश्यकता है। हाल ही में संय
हमारी थाली में खाना तो होता है, लेकिन क्या उसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं? यह एक गंभीर सवाल है, जिसका उत्तर हमें समझने की आवश्यकता है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले पांच वर्षों में स्वस्थ आहार की वैश्विक लागत में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि विशेष रूप से उन लोगों के लिए चिंता का विषय है, जो गरीबी में जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में, यह सवाल उठता है कि आखिर क्यों स्वस्थ भोजन की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं? रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2025 तक 64.5 करोड़ लोग भुखमरी का सामना कर सकते हैं, जो कि 2019 में कोविड-19 महामारी से पहले की स्थिति की तुलना में 6.1 करोड़ अधिक है। यह आंकड़े हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या हम सही दिशा में जा रहे हैं या नहीं।
अधिकांश लोग यह मानते हैं कि स्वस्थ भोजन केवल उन लोगों के लिए है, जिनके पास आर्थिक साधन हैं। लेकिन यह सच नहीं है। स्वस्थ भोजन का मतलब केवल महंगे फल और सब्जियाँ नहीं है, बल्कि यह भी है कि हम अपने आहार में संतुलन बनाए रखें। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई बार हमारे भोजन में आवश्यक विटामिन, लौह तत्व, खनिज और प्रोटीन की कमी होती है, जिससे शरीर कुपोषण का शिकार हो जाता है। ऐसे में, पेट तो भर जाता है, लेकिन स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह स्थिति विशेष रूप से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकती है, क्योंकि उन्हें अधिक पोषण की आवश्यकता होती है।
इस समस्या का समाधान केवल आर्थिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी करना होगा। हमें यह समझना होगा कि स्वस्थ भोजन केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है। सरकारों और संगठनों को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा ताकि सभी लोगों को उचित और स्वस्थ भोजन उपलब्ध हो सके। इसके लिए हमें खाद्य सुरक्षा, पोषण शिक्षा और स्थानीय कृषि को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। यदि हम इस दिशा में ठोस कदम उठाते हैं, तो शायद हम इस गंभीर समस्या का समाधान कर सकें। यह समय की मांग है कि हम सभी मिलकर एक स्वस्थ और पोषित समाज की दिशा में आगे बढ़ें।









