Rising Water Level in Varanasi: गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचा

वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल बन गया है। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कार
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल बन गया है। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि देखी जा रही है। मंगलवार को केंद्रीय जल आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गंगा का जलस्तर सुबह 61.52 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जलस्तर की वृद्धि की रफ्तार एक से दो सेंटीमीटर प्रति घंटे है, लेकिन यह अभी भी खतरे के निशान से लगभग नौ मीटर नीचे है। बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों के किनारे स्थित मंदिरों में पानी घुसने लगा है, जिसके चलते अहिल्याबाई घाट पर जुगल रुक्मणी मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं।
गंगा में जलकुम्भियों की संख्या भी बढ़ गई है, जो जलस्तर के साथ बहती दिखाई दे रही हैं। बढ़े हुए जलस्तर के कारण लोग गंगा में यात्रा करने के लिए बड़ी नावों का सहारा ले रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए जल पुलिस ने घाटों पर निगरानी बढ़ा दी है। दशाश्वमेध जल पुलिस प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि सुबह से शाम तक जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। नाविकों और श्रद्धालुओं को लाइफ सेविंग जैकेट पहनने और एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है, क्योंकि लोग जलस्तर के बढ़ने के कारण यात्रा करने से हिचकिचा रहे हैं। जल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे गंगा के किनारे न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। प्रशासन ने जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार लोगों को सतर्क किया जा रहा है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण स्थानीय प्रशासन और जल पुलिस सक्रिय हैं, ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटा जा सके। सभी को सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।









