Road conditions in Kaithal: दुकानों के पीछे की सड़क बनी जंगल

ढांड। विस्तार अनाज मंडी ढांड में दुकानों के पीछे बनी सड़क पर कांग्रेसी घास, भांग सहित अन्य प्रकार की झाड़ियां तेजी से फैल गई हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि पू
ढांड। विस्तार अनाज मंडी ढांड में दुकानों के पीछे बनी सड़क पर कांग्रेसी घास, भांग सहित अन्य प्रकार की झाड़ियां तेजी से फैल गई हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि पूरी सड़क जंगल का रूप धारण कर चुकी है। इससे मंडी के आढ़तियों और व्यापारियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से व्यापारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। आढ़ती दलेल सिंह, सतीश कुमार, राजपाल, कर्मबीर, डिंपी, बलवान सिंह, ईश्वर शर्मा, रवि शर्मा और बलबीर शर्मा ने बताया कि दुकानों के पीछे वाली सड़क पर कांग्रेसी घास और अन्य जंगली पौधे बड़ी संख्या में उग आए हैं। गर्मी के मौसम में इन पौधों, विशेषकर कांग्रेसी घास और भांग के बड़े-बड़े पौधों से तेज दुर्गंध आती है जिससे दुकानों में बैठना और व्यापार करना मुश्किल हो जाता है। आढ़तियों का कहना है कि झाड़ियों के कारण सड़क पूरी तरह जंगल जैसी दिखाई देने लगी है। घनी घास में सांप, बिच्छू सहित कई प्रकार के जहरीले जीवों ने डेरा जमा रखा है, जो कभी भी दुकानों में घुस आते हैं। इससे हर समय किसी अप्रिय घटना का डर बना रहता है और आढ़ती भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं। आढ़तियों ने बताया कि वे कई बार मार्केट कमेटी के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं लेकिन अब तक सफाई नहीं करवाई गई। उन्होंने मांग की कि मंडी परिसर और दुकानों के पीछे की सड़क की जल्द से जल्द सफाई करवाई जाए, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके और किसी दुर्घटना से पहले समस्या का स्थायी समाधान हो।
ढांड मार्केट कमेटी के सचिव लव गुप्ता ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि विस्तार अनाज मंडी की दुकानों के पीछे वाली सड़क की जल्द ही सफाई करवाई जाएगी। सफाई कार्य पूरा होने के बाद आढ़तियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। आढ़तियों का कहना है कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आगे की कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे। मंडी में व्यापार करने वाले लोगों का कहना है कि इस तरह की स्थिति से न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि उनकी सुरक्षा भी खतरे में है। इसलिए वे चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लें और शीघ्र कार्रवाई करें।









