Road improvement in Jharkhand: 10 हजार KM सड़कों का होगा कायाकल्प, 1153 करोड़ से सुधरेगी कनेक्टिविटी

राज्य सरकार ने झारखंड में लगभग 10 हजार किलोमीटर सड़कों के कायाकल्प का निर्णय लिया है, जो राज्य की कुल सड़कों का दो तिहाई हिस्सा है। इस परियोजना के तहत सड़कों की
राज्य सरकार ने झारखंड में लगभग 10 हजार किलोमीटर सड़कों के कायाकल्प का निर्णय लिया है, जो राज्य की कुल सड़कों का दो तिहाई हिस्सा है। इस परियोजना के तहत सड़कों की मरम्मत, पुनर्निर्माण और रखरखाव के लिए 1,153 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसमें 3,218 किलोमीटर सड़कों का पुनर्निर्माण किया जाएगा, जबकि 6,736 किलोमीटर सड़कों की राइडिंग क्वालिटी में सुधार किया जाएगा। पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक में इस योजना के कार्यान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया और अन्य माध्यमों से सड़कों की मरम्मत में लापरवाही की खबरें आ रही हैं, जिससे विभाग की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने गड्ढों की मरम्मत के लिए उचित मानकों का पालन करने पर जोर दिया और कहा कि बिना उचित कटिंग और स्क्वायरिंग के किया गया पैच वर्क अस्थायी होता है और जल्दी ही टूट जाता है। उन्होंने निर्देश दिया कि गड्ढों की मरम्मत भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के मानकों के अनुसार की जाए। यदि किसी सड़क पर गड्ढे अधिक हैं, तो अलग-अलग पैच वर्क की बजाय पूरी प्रभावित लंबाई पर बिटुमिनस ओवरले (डामर की नई परत) चढ़ाई जाए, ताकि सड़क की मजबूती बनी रहे। इसके साथ ही, मरम्मति के बाद रोड मार्किंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों का लगाना भी अनिवार्य होगा।
प्रधान सचिव ने बिजली, पानी और सीवरेज जैसी भूमिगत उपयोगिताओं को बिछाने वाली एजेंसियों, विशेषकर जुडको पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ये एजेंसियां सड़कें खोदकर पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की सतह को निर्धारित मानकों के अनुसार ठीक नहीं करती हैं, जिससे सड़क पर उतार-चढ़ाव और जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है। रांची के एलपीएन शाहदेव चौक-बूटी मोड़, नामकुम-डोरंडा और करमटोली-ओरमांडी सड़कों की स्थिति को लेकर उन्होंने चिंता व्यक्त की और बरसात के मौसम में सड़कों की खराब स्थिति पर गंभीर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और सड़कों की मरम्मत के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में विभागीय अधिकारियों को बताया गया कि अगले पांच वर्षों में सड़कों की मरम्मत और मजबूती के लिए 1,153 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मिलने की जानकारी भी दी गई।









