Roadways: परिचालकों की भर्ती पर लगी रोक

आगरा। रोडवेज में परिचालकों की भर्ती पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। यह कदम तब उठाया गया जब यह खुलासा हुआ कि अधिकतर पीआरडी जवान जो परिचालक के पद पर कार्यरत थ
आगरा। रोडवेज में परिचालकों की भर्ती पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। यह कदम तब उठाया गया जब यह खुलासा हुआ कि अधिकतर पीआरडी जवान जो परिचालक के पद पर कार्यरत थे, वे फर्जी थे। प्रबंध निदेशक ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए पीआरडी के माध्यम से होने वाली भर्ती पर रोक लगा दी है। यह जानकारी जिला युवा कल्याण अधिकारी फर्रुखाबाद द्वारा आगरा के क्षेत्रीय प्रबंधक को भेजे गए पत्र से सामने आई थी, जिसमें फर्जी नियुक्तियों की पुष्टि की गई थी। अमर उजाला ने 29 जुलाई को इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद प्रबंधन ने यह निर्णय लिया। पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) के स्वयंसेवकों को रोडवेज में परिचालक पदों पर रखने के लिए करोड़ों रुपए का हेरफेर किया गया था, जो कि गंभीर मामला है। इस मामले में तत्कालीन फर्रुखाबाद के जिला युवा कल्याण अधिकारी जगदीश नरायण को सस्पेंड कर दिया गया है।
वर्तमान में, फर्रुखाबाद के जिला युवा कल्याण अधिकारी अरविंद कुमार कुशवाहा ने आगरा के क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज सक्सेना को पत्र लिखकर फर्जी पीआरडी स्वयंसेवकों का वेतन रोकने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी मांग को नजरअंदाज करते हुए उन पीआरडी जवानों का वेतन नहीं रोका गया। इसके विपरीत, नियमों का उल्लंघन करते हुए भर्ती की गई थी और पिछले डेढ़ साल में लगभग एक करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। रोडवेज के प्रबंध निदेशक आलोक कुमार ने सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश दिया है कि अग्रिम आदेशों तक किसी भी संविदा परिचालक को पीआरडी के माध्यम से नियुक्त न किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने 15 मार्च के बाद किसी भी तरह से भर्ती किए गए संविदा परिचालकों की जानकारी मुख्यालय में तलब की है।









