Ryan ten Doeschate: भारत की कोचिंग छोड़ते ही अपनी पुरानी टीम से जुड़े रेयान टेन डेशकाटे, मिली बड़ी जिम्मेदारी

भारतीय क्रिकेट के पूर्व खिलाड़ी रेयान टेन डेशकाटे ने हाल ही में अपनी कोचिंग की जिम्मेदारियों से मुक्त होने के बाद एक बार फिर से कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के
भारतीय क्रिकेट के पूर्व खिलाड़ी रेयान टेन डेशकाटे ने हाल ही में अपनी कोचिंग की जिम्मेदारियों से मुक्त होने के बाद एक बार फिर से कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ जुड़ने का निर्णय लिया है। केकेआर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकी मैसूर ने टेन डेशकाटे की वापसी पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी गहरी समझ और अनुभव इस नई भूमिका के लिए उन्हें आदर्श बनाता है। उन्होंने कहा, 'हम टेंडो का नाइट राइडर्स परिवार में फिर से स्वागत करते हुए बेहद खुश हैं।' टेन डेशकाटे की नई जिम्मेदारी में नाइट राइडर्स की सभी वैश्विक टीमों में स्काउटिंग, खिलाड़ी भर्ती, स्क्वॉड प्लानिंग और प्रदर्शन मूल्यांकन शामिल होगा। इसके अलावा, वह त्रिनबागो नाइट राइडर्स, अबू धाबी नाइट राइडर्स और लॉस एंजेलिस नाइट राइडर्स के सहायक कोच भी रहेंगे।
टेन डेशकाटे का केकेआर के साथ रिश्ता 2011 से शुरू हुआ था, जब उन्होंने खिलाड़ी के रूप में टीम में शामिल होकर 2012 और 2014 में आईपीएल खिताब जीतने में योगदान दिया। संन्यास के बाद, उन्होंने 2022 में कोचिंग स्टाफ में वापसी की और गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में 2024 में केकेआर की तीसरी आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाली सपोर्ट स्टाफ टीम का हिस्सा बने। टेन डेशकाटे ने भारतीय टीम के साथ भी एक सफल कार्यकाल बिताया, जब वह जुलाई 2024 में गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद सहायक कोच बने। उनके कार्यकाल में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 टी20 विश्व कप का खिताब जीता।
हालांकि, हाल की रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) चाहता था कि टेन डेशकाटे 2027 तक टीम के साथ बने रहें, लेकिन पारिवारिक कारणों से उन्होंने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। उन्होंने बताया कि दो वर्षों तक लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में व्यस्त रहने के बाद वह अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताना चाहते थे। इसके अलावा, कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि उनके कोचिंग दायरे को लेकर स्पष्ट जिम्मेदारियां तय नहीं होने से वह पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। अब, टेन डेशकाटे की वापसी से केकेआर को उम्मीद है कि वह न केवल टीम के विकास में योगदान देंगे, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।









