Surprise Entry in Team India: 33 वर्षीय सारांश जैन की संघर्ष की कहानी

मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। घरेलू क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन के चलते इस स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर को श्रीलंका दौरे के
मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। घरेलू क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन के चलते इस स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर को श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में पहली बार जगह मिली है। चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह उन्हें टीम में शामिल किया गया है, और अब वह दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने का सपना देख रहे हैं। सारांश जैन का नाम भारतीय टीम में शामिल होने के पीछे केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि उनके त्याग, संघर्ष और परिवार का अटूट विश्वास भी है। साल 2014 में सारांश जैन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए थे, उसी दौरान उनके पिता को कैंसर का पता चला और चेहरे की सर्जरी भी करानी पड़ी। लेकिन परिवार ने यह निर्णय लिया कि सारांश को इस बारे में कुछ नहीं बताया जाएगा, ताकि उनका ध्यान क्रिकेट पर बना रहे। उनके पिता के ये शब्द सारांश के लिए सिर्फ हौसला नहीं, बल्कि जीवनभर की प्रेरणा बन गए हैं। आज के दौर में कई खिलाड़ी आईपीएल के जरिए पहचान बनाते हैं, लेकिन सारांश जैन ने एक अलग रास्ता चुना है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, ईरानी ट्रॉफी और इंडिया ए के लिए लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हाल ही में इंडिया-ए टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर खेले गए दो अनौपचारिक टेस्ट मैचों में भी उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की। पहले मैच में वह ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके, लेकिन दूसरे मैच में छह विकेट लेने के साथ-साथ नाबाद 70 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर उन्होंने अपनी दावेदारी मजबूत की।
सारांश जैन का फर्स्ट क्लास करियर भी शानदार रहा है। बाएं हाथ से बल्लेबाजी और दाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाजी करने वाले 33 वर्षीय सारांश ने अप्रैल 2014 में मध्य प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था। अब तक उन्होंने 54 फर्स्ट क्लास मैचों में 27.30 की औसत से 188 विकेट अपने नाम किए हैं। बल्लेबाजी में भी उन्होंने 31.75 के औसत से 2223 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा, सारांश ने 47 लिस्ट-ए मैचों में 553 रन बनाए और 38 विकेट झटके हैं। जबकि 20 टी20 मैचों में उनके नाम पर 18 विकेट और 37 रन दर्ज हैं। यही ऑलराउंड प्रदर्शन उन्हें लगातार चयनकर्ताओं की नजर में बनाए रखने में मदद कर रहा है। अब जब वह भारतीय टेस्ट टीम में शामिल हुए हैं, तो उनके लिए यह एक बड़ा अवसर है।









