Sisters Found in Supaul: सहरसा की बहनें सुपौल से बरामद, मजदूरों की सूझबूझ ने परिवार से मिलाया

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) से संवाद सूत्र। बख्तियापुर थाना क्षेत्र के चौधरी टोला से चार दिन पहले लापता हुई दो नाबालिग बहनों को पुलिस ने मंगलवार की देर शाम सुरक्ष
सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) से संवाद सूत्र। बख्तियापुर थाना क्षेत्र के चौधरी टोला से चार दिन पहले लापता हुई दो नाबालिग बहनों को पुलिस ने मंगलवार की देर शाम सुरक्षित बरामद कर लिया है। एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दोनों बच्चियां राज्यरानी एक्सप्रेस से सुपौल पहुंच गई थीं। वहां धान रोपनी के लिए गए मधेपुरा जिले के कुछ मजदूरों ने उनकी स्थिति को समझते हुए मानवता का परिचय दिया। मजदूरों ने बच्चियों को सुरक्षित अपने संरक्षण में रखा और उनकी पहचान कर स्वजनों तक सूचना पहुंचाने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और दोनों बच्चियों को सकुशल बरामद कर सिमरी बख्तियारपुर थाना ले आई। एसडीपीओ ने कहा कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें स्वजनों के हवाले किया जाएगा। बताया जाता है कि चौधरी टोला निवासी सुरेश चौधरी की 14 वर्षीय पुत्री अपनी छह वर्षीय छोटी बहन के साथ घर से शृंगार का सामान खरीदने की बात कहकर निकली थी। काफी देर तक दोनों के घर नहीं लौटने पर स्वजन ने आसपास खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद थाना में गुमशुदगी की मामला दर्ज कराई गई। घटना के बाद से स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भी बच्चियों की शीघ्र बरामदगी की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना दिया था। पुलिस लगातार संभावित स्थानों पर छानबीन और तकनीकी अनुसंधान में जुटी हुई थी। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में बड़ी बहन ने बताया कि वह आगे पढ़ाई करना चाहती थी, लेकिन उसे लग रहा था कि परिवार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण उसने घर छोड़ने का निर्णय लिया और अपनी छह वर्षीय छोटी बहन को भी साथ लेकर निकल गई। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है तथा बच्चियों की काउंसिलिंग भी कराई जाएगी। घर से निकलने के बाद दोनों बहनें रेलवे ढाला के पास पहुंचीं और किसी तरह छिपते हुए राज्यरानी एक्सप्रेस में सवार हो गईं। ट्रेन से दोनों सुपौल पहुंच गईं। वहां स्टेशन और आसपास अकेले घूम रही दोनों बच्चियों पर धान रोपनी के लिए आए मधेपुरा जिले के आलमनगर थाना क्षेत्र के कुछ मजदूरों की नजर पड़ी। बच्चियों की उम्र और उनकी घबराहट को देखते हुए मजदूरों ने उन्हें अपने साथ सुरक्षित रखा और उनकी पहचान जानने का प्रयास शुरू किया। बच्चियों से बातचीत के दौरान मजदूरों को पता चला कि वे सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर की रहने वाली हैं। इसके बाद उन्होंने स्थानीय स्तर पर सूचना देने के साथ-साथ स्वजनों से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस को भी दोनों बच्चियों के सुपौल में होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को सकुशल बरामद कर लिया और सिमरी बख्तियारपुर थाना ले आई। एसडीपीओ ने प्रेस वार्ता में बताया कि दोनों बच्चियां पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके स्वास्थ्य की भी जांच कराई गई है। मामले में सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों बच्चियों को उनके स्वजन के सुपुर्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और बच्चियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।









