Land Dispute in Sambhal: 1984 के संशोधन पत्र में छुपा है नगर पालिका भूमि का राज

संभल के सरायतरीन बाजार गंज में नगर पालिका परिषद की 35 बीघा पांच बिस्वा भूमि को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। इस विवाद में रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त विक्र
संभल के सरायतरीन बाजार गंज में नगर पालिका परिषद की 35 बीघा पांच बिस्वा भूमि को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। इस विवाद में रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त विक्रय पत्र और संशोधन पत्र ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने इन दोनों दस्तावेजों के आधार पर एक विवरण पत्र तैयार किया है, जिसमें अरबी और फारसी जैसी भाषाओं का उल्लेख किया गया है। इस मामले में अब तक की जानकारी के अनुसार, विक्रय पत्र जनवरी 1984 का है, जबकि संशोधन पत्र सितंबर 1984 में जारी किया गया था। यह सवाल उठता है कि विक्रय पत्र के बाद संशोधन पत्र की आवश्यकता क्यों पड़ी। इस भूमि विवाद की जांच के दौरान यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संशोधन पत्र जारी करने का कारण क्या था। हालांकि, इसे वैधानिक प्रक्रिया माना जा रहा है, क्योंकि यदि विक्रय पत्र में कोई गलती होती है, तो संशोधन पत्र जारी किया जाता है। सिटी मजिस्ट्रेट ने विक्रय पत्र और संशोधन पत्र के आधार पर जो विवरण पत्र तैयार किया है, उसमें कई अरबी और फारसी शब्दों का प्रयोग किया गया है, जिससे हिंदी अनुवाद में कठिनाई आ रही है। इस अनुवाद के लिए एक सेवानिवृत्त कानूनगो या किसी अन्य विशेषज्ञ की मदद ली जा रही है।
विवादित भूमि की जांच के दौरान रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त विक्रय पत्र और संशोधन पत्र ने इस मामले को और पेचीदा बना दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि इस विवरण पत्र में नौ संपत्तियों का जिक्र है, जिसके हिंदी अनुवाद की प्रक्रिया चल रही है। यह अनुवाद इस मामले की सच्चाई को उजागर करने में मदद करेगा। पहले नगर पालिका की मूल पत्रावली नहीं मिलने और दावेदार पक्ष सईदुद्दीन खां द्वारा नीलामी से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण जांच में देरी हुई थी। अब विक्रय पत्र उपलब्ध होने के बाद, जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि विवरण पत्र का अनुवाद कराना आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसमें क्या लिखा गया है।









